Home » झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी बेहद आसान: जमशेदपुर में खुलेगा राज्य का पहला IDTR, टाटा मोटर्स से MoU
झारखंड में सुरक्षित सड़क यातायात और युवाओं के कौशल विकास की नई दिशा: जमशेदपुर में बनेगा पहला ‘IDTR’ !
रांची: राज्य में सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक परिवहन प्रणाली विकसित करने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में परिवहन विभाग एवं टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच इन्स्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना हेतु एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह अत्याधुनिक संस्थान सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, दुर्घटनाओं में कमी लाने और युवाओं के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रोजगार सृजित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम की प्रमुख मुख्य बातें (Key Highlights)
ऐतिहासिक पहल: जमशेदपुर में पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत अत्याधुनिक IDTR की स्थापना।
10,000+ लाभार्थियों को लाइसेंस: समारोह के दौरान राज्यभर के 10,000 से अधिक नागरिकों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए।
महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया में प्राथमिकता।
सीधा संवाद: पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद के लाभार्थियों से सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधी बात की और समस्याएं सुनीं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: भारी वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) के लाइसेंस और लंबित आवेदनों का त्वरित, पारदर्शी और निर्धारित समय में निष्पादन सुनिश्चित हो।
युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण: सीएम हेमंत सोरेन
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण ड्राइविंग प्रशिक्षण किसी भी प्रगतिशील राज्य के सुरक्षित परिवहन तंत्र की रीढ़ होता है।
“IDTR की स्थापना से हमारे राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक सिमुलेटर के माध्यम से प्रशिक्षण मिलेगा। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी, बल्कि स्थानीय युवाओं की रोजगार क्षमता में भी अभूतपूर्व सुधार होगा।”
— श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
सीएम ने साझा किया कि वे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे और आज इसका साकार होना झारखंड के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर है।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सरलीकरण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के आवेदकों से सीधे बातचीत कर ग्राउंड रियलिटी का जायजा लिया। उन्होंने जिला उपायुक्तों (DCs) एवं परिवहन अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी किए:
लंबित आवेदनों का त्वरित निपटारा: लाइसेंस के लिए आए किसी भी आवेदन को बेवजह न अटकाया जाए।
पारदर्शी और सुगम प्रणाली: हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस (HMV) और लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया को अधिक जनोन्मुखी और सरल बनाया जाए।
समयबद्ध सेवा: प्रत्येक पात्र नागरिक को तय समय सीमा के भीतर ही लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता और समान अवसर
राज्य सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें संस्थागत सहयोग दिया जाएगा। ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और स्थायी लाइसेंस की प्रक्रियाओं को महिलाओं के लिए और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है ताकि वे कमर्शियल व्हीकल और स्वरोजगार के अवसरों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस गरिमामयी एमओयू हस्ताक्षर समारोह में राज्य के परिवहन मंत्री श्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त श्री संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड श्री अनुराग छारिया, जनरल मैनेजर श्री गोलम मंडल सहित शासन एवं कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिक जानकारी और ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियमों को समझने के लिए आप यह झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस और IDTR ट्रेनिंग के नए नियम वीडियो देख सकते हैं, जो राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई पहल और एक महीने की प्रशिक्षण प्रक्रिया को विस्तार से समझाता है।