Home » उर्सुलाइन कॉन्वेंट नोज पिन विवाद पर कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला: ऋषीकेश सिंह
बेटियों के नोज पिन के नाम पर भाजपा स्कूलों में कर रही नफरत की राजनीति: ऋषीकेश सिंह
“भाजपा को शिक्षा की चिंता होती तो बंद नहीं होते 5000 सरकारी स्कूल, बच्चों के बीच धार्मिक ध्रुवीकरण बंद करे भाजपा”
राँची:रांची के उर्सुलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स स्कूल में नोज पिन (Nose Pin) को लेकर उपजे विवाद पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश सचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ऋषीकेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक साधारण अनुशासनात्मक विषय को सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक रंग देकर भाजपा और उसके समर्थक समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
📌 समानता का प्रतीक है ड्रेस कोड: देश के सभी प्रतिष्ठित संस्थानों में यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड समानता और भेदभाव रहित वातावरण के लिए लागू हैं, किसी धर्म के विरोध के लिए नहीं।
📌 संवाद से हो सकता था समाधान: नियमों के उल्लंघन पर विद्यालय प्रबंधन, छात्रा और अभिभावकों के बीच संवाद से मामला सुलझ सकता था, इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना गलत है।
📌 भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड: डबल इंजन सरकार के समय झारखंड में 5000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए थे। भाजपा को शिक्षकों की कमी या बेरोजगारी की चिंता नहीं है।
अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों साथ-साथ चलें
ऋषीकेश सिंह ने कांग्रेस का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि:
“विद्यालय प्रबंधन को भी अनुशासन लागू करते समय संवेदनशील, संवादपूर्ण और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, ताकि किसी भी छात्र-छात्रा की गरिमा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे। अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों साथ-साथ चल सकते हैं।”
भाजपा पर बरसे कांग्रेस प्रवक्ता: रोजगार और शिक्षकों पर चुप क्यों?
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए ऋषीकेश सिंह ने याद दिलाया कि जब झारखंड में भाजपा की डबल इंजन सरकार थी, तब राज्य के 5,000 सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों को झारखंड के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है। वे आज बच्चों के बीच केवल धार्मिक ध्रुवीकरण का अवसर तलाश रहे हैं। अगर भाजपा को वास्तव में शिक्षा की चिंता होती, तो वह स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने की लड़ाई लड़ती, न कि बच्चों को राजनीतिक विवादों में घसीटती।
स्कूलों को राजनीतिक अखाड़ा न बनाएँ: ऋषीकेश सिंह की अपील
कांग्रेस प्रवक्ता ने अंत में समाज और सभी राजनीतिक दलों से एक महत्वपूर्ण अपील की:
सामाजिक सौहार्द सर्वोपरि: विद्यालय ज्ञान, संस्कार और सामाजिक सौहार्द के केंद्र होते हैं। इन्हें राजनीतिक अखाड़ा बनाने की हर कोशिश का समाज को मिलकर विरोध करना चाहिए।
बच्चों की जरूरत: बच्चों को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर चाहिए, न कि नफरत और विभाजन की राजनीति।
सकारात्मक भूमिका: सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और अभिभावक बच्चों के भविष्य को आगे रखते हुए शिक्षा के वातावरण को शांत, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित बनाए रखें।