Home » तमिलनाडु गैस रिसाव: सीएम हेमंत सोरेन की पहल पर झारखंड के 42 श्रमिक सुरक्षित लौटे
तमिलनाडु गैस रिसाव हादसा: सीएम हेमंत सोरेन की त्वरित कार्रवाई सफल, झारखंड के सभी 42 श्रमिक सकुशल लौटे घर !
राँची: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए भीषण अमोनिया गैस रिसाव हादसे से बचाए गए झारखंड के सभी 42 प्रवासी श्रमिक सकुशल और सुरक्षित अपने-अपने घर पहुँच गए हैं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के कड़े निर्देशों और राज्य सरकार की संवेदनशीलता के कारण यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सफल रहा।
मुख्यमंत्री के आदेश पर श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष द्वारा सघन रेस्क्यू व राहत अभियान चलाया गया था, जिसके बाद इन सभी श्रमिकों की गृह राज्य और उनके पैतृक गांवों तक सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights):
कुल 42 प्रवासी श्रमिक चेन्नई हादसे से सुरक्षित रेस्क्यू कर झारखंड लाए गए।
दुर्घटना में मृत महिला श्रमिक का पार्थिव शरीर भी ससम्मान उनके गृह जिला पहुँचाया गया।
रेलवे प्रशासन के सहयोग से अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस में विशेष स्लीपर कोच की व्यवस्था की गई थी।
चेन्नई सेंट्रल से झारखंड पहुँचने तक श्रमिकों के लिए भोजन, पानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
सुरक्षित घर वापसी पर भावुक श्रमिकों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और राज्य सरकार का आभार जताया।
चेन्नई से झारखंड तक विशेष इंतजाम, चेहरों पर लौटी मुस्कान
तमिलनाडु के सेंट पीटर्स एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स फैसिलिटी में बीती 21 जून 2026 को यह दुःखद औद्योगिक दुर्घटना (अमोनिया गैस रिसाव) हुई थी। हादसे के बाद झारखंड सरकार तुरंत एक्शन में आई।
श्रमिकों की जुबानी: “हादसे के बाद हम सब बहुत डर गए थे, लेकिन राज्य सरकार ने जिस तरह हमारी सुध ली और हमें सुरक्षित ट्रेन से घर तक पहुँचाया, उसके लिए हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के सदैव आभारी रहेंगे।”
झारखंड सरकार के विशेष अनुरोध पर रेलवे प्रशासन द्वारा अलप्पुझा–धनबाद एक्सप्रेस में एक विशेष स्लीपर कोच लगाया गया था। धनबाद और अन्य स्टेशनों पर उतरने के बाद स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी श्रमिकों को उनके पैतृक गांवों तक भेजा गया। अपने परिवार के बीच सुरक्षित पहुँचने पर श्रमिकों और उनके परिजनों की आँखों में खुशी के आँसू थे।
मृतक श्रमिक के प्रति सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता
इस हादसे में जान गंवाने वाली झारखंड की एक महिला श्रमिक के पार्थिव शरीर को भी राज्य सरकार ने पूरे सम्मान के साथ उनके गृह जिला पहुँचाया। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।