Home » ‘1 खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते’: CEC पर विवादित टिप्पणी कर फंसे मुकेश सहनी
1 खून माफ होता तो ज्ञानेश कुमार को गोली मार देते’: मुकेश सहनी का मुख्य चुनाव आयुक्त पर विवादित बयान !
पटना: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बेहद विवादित बयान दिया है। मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान सहनी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “अगर मुझे एक खून माफ होता तो मैं सबसे पहले ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता।” उनके इस बयान के बाद राज्य और देश की राजनीति में सियासी हड़कंप मच गया है।
”हम संविधान को मानने वाले लोग हैं”
मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा, “ज्ञानेश कुमार को थोड़ी शर्म आनी चाहिए कि वे संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अगर एक खून माफ होता तो गोली मार देते, लेकिन क्या करें, हम लोग संविधान को मानने वाले लोग हैं।”
’2029 में सरकार बनेगी तो सबसे पहले जेल जाएंगे’
वीआईपी सुप्रीमो यहीं नहीं रुके, उन्होंने भविष्य में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए दावा किया कि वर्ष 2029 में राहुल गांधी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनेगी। उन्होंने कहा, “समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। 2029 में जब सरकार बदलेगी, तो ज्ञानेश कुमार सबसे पहले शख्स होंगे जो जेल जाएंगे। जितने लोगों ने लोकतंत्र के खिलाफ उनका साथ दिया है, वे सब जेल की सलाखों के पीछे होंगे।”
चुनाव आयोग और केंद्र पर तीखे आरोप
सहनी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इकाई की तरह काम कर रहा है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर पानी की तरह पैसा बहाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब जनादेश को ही प्रभावित करना है, तो चुनाव कराने का नाटक बंद कर देना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मुकेश सहनी के इस हिंसक और विवादित बयान के सामने आते ही सत्ताधारी दलों ने उन पर तीखा हमला बोला है। एनडीए (NDA) नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए वीआईपी प्रमुख के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और सख्त रुख अपनाने की मांग की है।