Home » यूपी में खुलेगा क्लीन प्लांट सेंटर, 6.18 लाख गरीबों को मिलेंगे घर: लखनऊ में शिवराज सिंह और सीएम योगी की महाबैठक
यूपी के बागवानी क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान: लखनऊ में खुलेगा ‘क्लीन प्लांट सेंटर’, शिवराज सिंह चौहान ने सीएम योगी को सौंपी 6.18 लाख आवासों की लिस्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए केंद्रऔर राज्य सरकार ने हाथ मिला लिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को रोगमुक्त और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से लखनऊ में ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ (Clean Plant Center) स्थापित करने की घोषणा की है।
गुरुवार को लखनऊ स्थित योजना भवन के वैचारिकी सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य के कृषि रोडमैप और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की एक उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक की।
📌 बैठक के मुख्य बिंदु और बड़े फैसले (Key Highlights)
क्लीन प्लांट सेंटर: लखनऊ में बनने वाले इस केंद्र से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और वायरस/रोगमुक्त पौधे मिलेंगे।
सरकारी खरीद की अवधि बढ़ी: किसानों के हित में चना, मसूर एवं सरसों की सरकारी खरीद की समय-सीमा बढ़ा दी गई है।
6.18 लाख नए आवास: पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अगले चरण के लिए 6,18,482 पात्र लाभार्थियों की सूची मुख्यमंत्री को सौंपी गई।
96.96 ट्रिलियन का लक्ष्य: यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था को वर्तमान 7.41 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर साल 2047 तक 96.96 ट्रिलियन रुपये करने का विजन तैयार।
विकसित कृषि @2047: आईसीएआर (ICAR) का महा-रोडमैप
बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक ने ‘विकसित कृषि @2047: उत्तर प्रदेश कार्ययोजना’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। इसके तहत यूपी की कृषि विकास दर को 3.19 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.41 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
खेती का विविधीकरण: अब केवल धान और गेहूं पर निर्भरता कम की जाएगी। इसके बजाय दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, मक्का और बागवानी जैसी नकदी फसलों (High-value crops) को बढ़ावा दिया जाएगा।
🚜 आधुनिक तकनीक और डिजिटल खेती पर जोर
रोडमैप के अनुसार, साल 2047 तक उत्तर प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण (Mechanization) को 75% तक बढ़ाया जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा:
ड्रोन और एआई (AI): कीटनाशकों के छिड़काव और फसल निगरानी के लिए ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग होगा।
जिला स्तर पर प्रयोगशालाएं: हर जिले में प्रिसिजन एग्रीकल्चर लैब्स, मृदा-जल-कार्बन वेधशालाएं और कृषि उद्यमिता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS): फसल के साथ-साथ डेयरी, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन को जोड़ने से किसानों की शुद्ध आय में 109% से 162% तक की वृद्धि का अनुमान है।
सॉयल हेल्थ कार्ड और केसीसी पर सख्त निर्देश
समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सॉयल हेल्थ कार्ड केवल कागजों पर या बनकर न रह जाएं। किसानों को उनके खेत की मिट्टी की वास्तविक स्थिति और सही उर्वरक उपयोग की जानकारी दी जाए।
योजना / क्षेत्रकेंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)बैंकों के साथ समन्वय बिठाकर अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ा जाए।
फसल बीमा योजनाकोई भी पात्र किसान इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।
जल संरक्षणक्रिटिकल ब्लॉकों (पानी की कमी वाले क्षेत्रों) में मिशन मोड में जल संचयन के कार्य हों।
खाद की उपलब्धताउत्तर प्रदेश में उर्वरकों (फर्टिलाइजर्स) की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
वीबी-जी राम’ मिशन और एफडीआर तकनीक
केंद्रीय मंत्री ने जुलाई 2026 से शुरू होने वाले ‘विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-GRAM के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने मनरेगा के लंबित देयों के भुगतान के लिए राज्य सरकार से तत्काल प्रस्ताव मांगा ताकि फंड जारी किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि यूपी ने FDR (Full Depth Reclamation) तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण सड़कों के निर्माण में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत की है, जो पर्यावरण के अनुकूल भी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह जी का कृषि क्षेत्र में लंबा और सफल अनुभव रहा है, जिसका लाभ अब पूरे देश को मिल रहा है। सीएम योगी ने आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश पूर्ण पारदर्शिता के साथ इन योजनाओं को जमीन पर उतारेगा।
उपस्थिति: इस महाबैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेन्द्र दिलेर सहित केंद्र और राज्य सरकार के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।