बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का कांग्रेस पर महा-हमला: “पैसों की और सूटकेस की राजनीति करने वाले आज दे रहे हैं ईमानदारी की दुहाई”
झारखंड आंदोलन को 3 करोड़ में खरीदने का याद दिलाया इतिहास; बोले— “अपने विधायक संभल नहीं रहे और दोष भाजपा पर मढ़ रहे हैं, 2029 में जनता सिखाएगी सबक”
रांची: झारखंड की सियासत में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद शुरू हुआ ‘बयानवीर युद्ध’ अब अपने चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस द्वारा रांची में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस और भाजपा पर लगाए गए हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू ने करारा पलटवार किया है। शनिवार को जारी एक कड़े बयान में आदित्य साहू ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में मिली करारी और शर्मनाक हार के सदमे से कांग्रेस पार्टी अभी तक उबर नहीं पाई है, यही कारण है कि वह आत्ममंथन करने के बजाय भाजपा के खिलाफ उलूल-जुलूल बयानबाजी कर रही है।
भाजपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि अब इस जन्म में कांग्रेस इस सदमे से उबरने वाली भी नहीं है, क्योंकि उसकी हार का जो सिलसिला यहाँ से शुरू हुआ है, वह आगामी विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगा।
📊 कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू का पॉइंट-टू-पॉइंट पलटवार
कांग्रेस के दावों और इतिहास को खंगालते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उठाए गए तीखे सवालों का पूरा विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
कांग्रेस का आरोप / स्टैंड |
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का तीखा जवाब (BJP’s Counter) |
|---|---|
बीजेपी ने हॉर्स ट्रेडिंग की |
भाजपा के पास संख्या बल नहीं था, इसलिए हमने जोड़-तोड़ नहीं की। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने समर्थन मांगा, तो हमने दिया। |
गठबंधन के विधायक बिके |
कांग्रेस अपने विधायकों को लामबंद नहीं रख पाई। विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर राष्ट्रहित में वोट किया है। |
लोकतंत्र को तार-तार किया |
लोकतंत्र का कत्ल हमेशा कांग्रेस ने किया। यह वही कांग्रेस है जिसने झारखंड आंदोलन को 3 करोड़ रुपए में खरीदने का काम किया था। |
निर्दलीय प्रत्याशी ‘बाहरी’ हैं |
परिमल नाथवानी यहाँ से दो बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं और उन्होंने झारखंड के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। |
⚡ “क्या झारखंड कांग्रेस में कोई कार्यकर्ता पोलिंग एजेंट बनने लायक भी नहीं था?”
कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और स्थानीय नेताओं के अपमान पर सवाल उठाते हुए आदित्य साहू ने एक बड़ा राजनीतिक राजफाश किया। उन्होंने कहा:
“कांग्रेस एनडीए समर्थित प्रत्याशी को बाहरी बताती है, लेकिन खुद का हाल देखिए। क्या झारखंड कांग्रेस के पास प्रत्याशी तो दूर, कोई स्थानीय नेता या कार्यकर्ता भी पोलिंग एजेंट बनने लायक नहीं बचा था? कांग्रेस ने कर्नाटक के सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट बनाया। अपने झारखंड प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी सीरी वेल्ला प्रसाद को पोलिंग एजेंट बनाकर खड़ा कर दिया। यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस आलाकमान को अपने झारखंड के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है।”
🛑 “कांग्रेस मलाई खा रही है, राज्य की जनता पी रही है असली विष”
कांग्रेस नेताओं के ‘गठबंधन बचाने के लिए विष पीने’ वाले बयानों पर हमला बोलते हुए साहू ने कहा कि चाहे कितनी भी किरकिरी और दुर्गति हो जाए, सत्ता से चिपके रहना कांग्रेस का पुराना स्वभाव है। वास्तविकता यह है कि कांग्रेस सरकार में रहकर मलाई काट रही है, जबकि इस निकम्मे दल के शासन के कारण राज्य का लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है। राजधानी में नाक के नीचे से बच्चों का अपहरण हो रहा है और ब्लॉक-अंचल में जनता की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है। यह असली विष झारखंड की जनता को पीना पड़ रहा है।
💰 “नोटों के पहाड़ किनके नेताओं के यहाँ से मिलते हैं, पूरा देश जानता है”
सूटकेस और धनबल की राजनीति के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पैसों से लोगों को तौलना और पैसे आधारित राजनीति करना कांग्रेस के डीएनए में है। पूरा देश और झारखंड की जनता भली-भांति जानती है कि किन नेताओं के घरों और धीरज साहू जैसे करीबियों के ठिकानों से नोटों के पहाड़ बरामद होते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इन चिकनी-चुपड़ी बातों को अब जनता बखूबी समझ चुकी है और वे अपनी ही करनी से पूरे राज्य में उपहास का पात्र बन चुके हैं।



















