Home » औरंगाबाद मेडिकल कॉलेज पर सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, 15 अगस्त तक टेंडर
औरंगाबाद भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पटना में मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं एवं विकास कार्यो से संबंधित विषयों पर चर्चा किया जिसमें औरंगाबाद कि बहुप्रतीक्षित माँग मेडिकल कॉलेज की बात रखी पूर्व सांसद ने कहा कि औरंगाबाद में दो नेशनल हाईवे स्टेट हाईवे होने के कारण दुर्घटना ज्यादा होती हैं इस जिले में मेडिकल कॉलेज की सख्त जरूरी है और जब मेडिकल कॉलेज की भूमि के लिए देव के पातालगंगा में बिहार राज्य न्यास बोर्ड जमीन का एनओसी दे दिया है तब देर ना करते हुए आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू किया जाए।मेरे द्वारा कई बार लोकसभा में भी यह माँग प्रमुखता से रखी गई थी हमारी प्राथमिकता थी कि औरंगाबाद में मेडिकल कॉलेज बने जमीन नहीं मिलने के कारण हमने अपना निजी जमीन इस शर्त पर जिला प्रशासन को दिया था कि अगर जिले में कहीं भी मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन नहीं मिलेगा तो मेरा यह जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए काम आएगा मेरा सोच यह था कि जमीन के अभाव में मेडिकल कॉलेज औरंगाबाद से कहीं और ना चला जाए।परन्तु कुछ लोग इस पर जमकर राजनीति किया।इन सभी बातों को से अवगत होकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 15 अगस्त तक इसकी सारी प्रक्रिया को पूरा करते हुए आगे टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी।एवं इसके साथ हि मगध विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को पिछले छह महीनों से पेंशन का भुगतान नहीं होने की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।मुख्यमंत्री ने अपने सचिव को निर्देशित किया है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों की लंबित पेंशन से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा कर यथाशीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनके वैध अधिकारों का समय पर भुगतान सरकार की प्राथमिकता है।ज्ञात हो कि पेंशन भुगतान में विलंब के कारण बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त प्रोफेसरों एवं उनके परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।इस विषय पर लगातार विभिन्न स्तरों पर आवाज उठाई जा रही थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री के इस हस्तक्षेप से सेवानिवृत्त प्रोफेसरों में आशा जगी है कि उनकी लंबे समय से लंबित पेंशन राशि का भुगतान शीघ्र होगा और उन्हें राहत मिलेगी।जिले के बी.फार्मा के छात्र/छात्राओं की जो समस्या है कि हमलोग को परीक्षा का सेंटर दूसरे जगह चला जाता है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।हमलोग को जिले में ही परीक्षा का सेंटर का ब्यवस्था किया जाए इस पर भी चर्चा किया गया।
