Home » रांची पुलिस का बड़ा एक्शन, पिठौरिया फायरिंग कांड के दोनों आरोपी गिरफ्तार
राँची: पिठौरिया गोलीकांड का खुलासा; पिस्टल और बाइक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
राँची: राँची पुलिस ने पिठौरिया थाना क्षेत्र के कोकदोरो में हुई फायरिंग की घटना का सफल उद्भेदन करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त एक 7.65 mm लोडेड पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (JH01EJ-0872) बरामद की है।
मुख्य आरोपी और घटना की पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अफसर अंसारी (22 वर्ष) और शोएब अंसारी उर्फ नुनुवा अंसारी (23 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों कोकदोरो के निवासी हैं।
घटना का कारण (गवाही का दबाव): साल 2022 में अफसर अंसारी और उसके साथियों ने पीड़ित फिरोज अंसारी के भतीजे की हत्या कर दी थी (कांड सं०-169/22)। इस मामले में अफसर जमानत पर बाहर था। वह फिरोज अंसारी पर कोर्ट में गवाही न देने का दबाव बना रहा था और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था।
फायरिंग: गवाही देने पर अड़े रहने के कारण, बीते 2 जून 2026 की शाम को मोटरसाइकिल सवार अफसर और शोएब ने फिरोज अंसारी पर जान मारने की नीयत से गोली चला दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राँची के निर्देश पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मु० प्रथम) श्री अमर कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण मुख्य आरोपी अफसर अंसारी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। वहीं दूसरे आरोपी शोएब अंसारी को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों ने न सिर्फ इस गोलीकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पिठौरिया और कांके थाना क्षेत्र में चोरी व गृहभेदन (Burglaries) की कई अन्य घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता कबूल की है।
नोट: आरोपी अफसर अंसारी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से ही हत्या (302 IPC) और गृहभेदन (BNS) के 4 मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम में अंचल निरीक्षक असीत कुमार मोदी और पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।