Home » 2029 तक टीबी मुक्त होगा झारखंड, स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा ऐलान
झारखण्ड में स्वास्थ्य क्रांति: 2029 तक टीबी मुक्त होगा राज्य, रिम्स-2 बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल; स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का महा-ऐलान!
रांची: झारखण्ड की राजधानी रांची में देश के स्वास्थ्य इतिहास का एक बड़ा अध्याय शुरू हो चुका है। होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत नेशनल टास्क फोर्स की दो दिवसीय (11-12 जून 2026) हाई-लेवल बैठक का उद्घाटन सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के सभी 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से टीबी विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर और नीति-निर्माता जुटे हैं। झारखण्ड के लिए यह पहला मौका है जब राज्य को इतने बड़े राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन की मेजबानी मिली है।
🚀 ‘मिशन 2029’ और स्वास्थ्य मंत्री के 5 बड़े ऐलान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर बदलने के लिए कई बड़े और अभूतपूर्व वादे किए:
1. रिम्स-2 (RIMS-2) बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल!
डॉ. अंसारी ने घोषणा की कि रांची को भविष्य में एक बड़े मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ‘रिम्स-2’ के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है, जो एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होगा।
2. अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना: अब ₹15 लाख तक का मुफ्त इलाज
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बहुत बड़ी राहत देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत इलाज की सीमा को बढ़ाकर अब 15 लाख रुपये कर दिया गया है।
3. मेडिकल सीटों में भारी बढ़ोतरी
राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में MBBS की सीटें 100 से बढ़ाकर 200 और पीजी (PG) की सीटें 50 से बढ़ाकर 200 करने की प्रक्रिया चल रही है।
4. इलाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तड़का
झारखण्ड सरकार अब स्वास्थ्य क्षेत्र में AI-आधारित आधुनिक तकनीकों को शामिल कर रही है, जिससे मरीजों की बीमारियों की जांच और इलाज बेहद त्वरित और सटीक तरीके से हो सकेगा।
5. टीबी मरीजों को हर महीने ₹1000 की पोषण सहायता
राज्य में टीबी मरीजों को न सिर्फ मुफ्त जांच, दवा और पूरा इलाज दिया जा रहा है, बल्कि उनके खान-पान और पोषण के लिए हर महीने ₹1,000 की नकद सहायता भी दी जा रही है। ठीक हो चुके मरीजों को समाज में जागरूकता फैलाने के लिए “टीबी चैंपियन” बनाया जाएगा।
📊 झारखण्ड में टीबी के खिलाफ जंग की मौजूदा स्थिति
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखण्ड के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश ने राज्य के आंकड़े साझा किए:
उपचाररत मरीज: वर्तमान में राज्य में लगभग 38,500 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है।
सफलता की कहानी: राज्य की 455 पंचायतों को पूरी तरह से टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है और अब लक्ष्य सभी पंचायतों को कवर करना है।
हाई-टेक स्क्रीनिंग: राज्यव्यापी अभियान के तहत अब तक 1.36 लाख से अधिक लोगों की ‘हैंड एक्स-रे’ तकनीक से मौके पर ही टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
🏅 पद्मश्री डॉक्टरों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में देश में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए दो महान चिकित्सकों—पद्मश्री डॉ. दिगम्बर बेहरा और पद्मश्री डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को विशेष रूप से सम्मानित किया।
📢 जनप्रतिनिधियों से आह्वान: “आगे आएं, अपने क्षेत्र को टीबी मुक्त बनाएं”
अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए मजबूत स्वास्थ्य तंत्र जरूरी है। बेहतर काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को सरकार सम्मानित करेगी। वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के सभी सांसदों, विधायकों, मुखियाओं और पार्षदों से अपील की कि वे इस अभियान को एक सरकारी कार्यक्रम न समझकर एक ‘जनआंदोलन’ बनाएं और अपने क्षेत्रों का नेतृत्व करें।
💡 एक्सपर्ट की सलाह: भारत सरकार के केंद्रीय यक्ष्मा प्रभाग की उप महानिदेशक डॉ. शोभिनी राजन ने अपील की कि टीबी मरीजों के परिवार और उनके निकट संपर्क में रहने वाले लोग ‘टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी’ का लाभ जरूर उठाएं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।