रांची :पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज राज्य सरकार पर बड़ा निशाना साधा।
मरांडी ने कहा कि झारखंड में राज्य सरकार बजट प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है, लेकिन हैरानी है कि वित्त विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने इस संदर्भ में अब तक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जी से कोई चर्चा नहीं की है।
एक प्रमुख मीडिया चैनल पर प्रसारित खबरों के आलोक में मरांडी ने कहा कि एक ओर तो सरकार दावा करती है कि वह जनता के सुझावों को बजट में शामिल करेगी, लेकिन हकीक़त यह है कि राज्य में अफसरशाही इतनी हावी हो चुकी है कि वित्त मंत्री तक से सुझाव नहीं मांगे जा रहे। जनप्रतिनिधि लगातार जनता के बीच रहते हैं, जनता की भावनाओं और समस्याओं से भली भांति अवगत रहते हैं, लेकिन AC कमरे में बैठकर मुख्यमंत्री की चापलूसी करने वाले कुछ नौकरशाह मनमाने तरीके से बजट को आकार दे रहे हैं।
कहा कि वित्त मंत्री की पीड़ा राज्य के भयावहता की कहानी कहती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आखिर क्यों बार-बार वित्त मंत्री को अपमानित किया जा रहा है? वे दलित हैं, इसलिए? वे कांग्रेस कोटे के मंत्री हैं इसलिए? या उन्होंने सरकार के खजाने से गायब 10,000 करोड़ रुपये के जांच कराने की हिम्मत दिखाई है, इसलिए?
कहा कि वज़ह जो भी हो, इतना तो स्पष्ट हो चुका है कि राज्य को कुछ भ्रष्ट नौकरशाह मनमाने तरीके से चला रहे हैं। अयोग्य मुख्यमंत्री ने राज्य का बेड़ा गर्क कर दिया है।
कहा कि कांग्रेस विधायकों को भी हेमंत सरकार में अपनी हैसियत का आत्मचिंतन करना चाहिए।
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