Home » एमएमडीआर पर भ्रम फैला रही हेमंत सरकार, भाजपा बेनकाब करेगी: आदित्य साहू
झारखंड: राज्य के राजस्व से सरकार को मतलब नहीं, सिर्फ तिजोरी भरने की चिंता – आदित्य साहू
हजारीबाग: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और सत्ताधारी गठबंधन पर करारा हमला बोला है। हजारीबाग में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीति केवल “कमाओ, खाओ और दलालों के बीच बांटो” की रह गई है।
उन्होंने कहा कि खान और खनिज (विकास और विनियमन) यानी एमएमडीआर (MMDR) कानून को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैला रही हैं, जबकि भाजपा तथ्यात्मक रूप से इस झूठ का करारा जवाब देगी।
एमएमडीआर (MMDR) कानून पर विपक्ष का विरोध केवल गुमराह करने की कोशिश
आदित्य साहू ने स्पष्ट किया कि एमएमडीआर अधिनियम को लेकर देश के किसी भी अन्य राज्य में कोई विरोध नहीं है, यहाँ तक कि कांग्रेस शासित राज्यों में भी इस पर आपत्ति नहीं जताई गई है।
“झारखंड में इस कानून का विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि एमएमडीआर लागू होने से अवैध कोयला खनन और सेस के नाम पर चल रही लूट-खसोट पर लगाम लग रही है। मोदी सरकार द्वारा काली कमाई के रास्ते बंद किए जाने से विपक्षी दल छटपटा रहे हैं।”
— आदित्य साहू, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
पड़ोसी राज्यों की तुलना में अत्यधिक सेस से राजस्व का नुकसान
राज्य की सेस नीति पर सवाल उठाते हुए आदित्य साहू ने कहा:
झारखंड में सेस: कोयले पर ₹450 प्रति टन और आयरन ओर पर ₹600 प्रति टन।
छत्तीसगढ़ में सेस: केवल ₹22 प्रति टन।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक सेस के कारण झारखंड के उद्योगपति भी पड़ोसी राज्यों से सस्ता कोयला खरीदने को मजबूर हैं, जिससे राज्य के सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। अब राज्य सरकार बाहर से आने वाले कोयले पर भी सेस लगाने की बात कर रही है, जो इनकी गलत मंशा को दर्शाता है।
अवैध कोयला खनन पर कसता शिकंजा और CISF की तैनाती
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से राज्य में रोजाना हजारों ट्रक अवैध कोयले का कारोबार होता रहा है।
सुरक्षाबल की तैनाती: धनबाद के बाद अब चतरा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और दुमका जैसे क्षेत्रों में सीआईएसएफ (CISF) तैनात करने की मांग की गई है। आम्रपाली क्षेत्र में 200 CISF जवान तैनात किए जा चुके हैं।
पारदर्शिता का असर: अवैध कारोबार पर रोक लगने के कारण पिछले एक महीने में डीओ (Delivery Order) धारकों की संख्या में 75 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
खदानों की नीलामी न होना और DMFT फंड में बंदरबांट
आदित्य साहू ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए:
खदानों की नीलामी में देरी: पिछले 6 वर्षों में 34 में से मात्र 4 खदानों की नीलामी की गई, जबकि ओडिशा ने खदानों से ₹87,000 करोड़ का लाभ कमाया।
DMFT फंड का दुरुपयोग: राज्य में जमा हुए ₹19,000 करोड़ (अकेले पश्चिमी सिंहभूम में ₹3,700 करोड़) के विकास फंड का उपयोग जनता के कल्याण के बजाय अधिकारियों के जिम और स्विमिंग पूल बनवाने में किया जा रहा है।
गांव-गांव जाकर सच बताएगी भाजपा
आदित्य साहू ने घोषणा की कि भाजपा के कार्यकर्ता विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को एमएमडीआर कानून के वास्तविक प्रावधानों और फायदों की जानकारी देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनता को ठगने की कोशिश बंद नहीं की, तो पार्टी प्रदेश स्तर से लेकर गांव-गांव तक नाकेबंदी और आंदोलन करेगी।
प्रेसवार्ता में प्रमुख उपस्थिति:
इस प्रेसवार्ता के दौरान बरही विधायक मनोज यादव, हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, प्रदेश मंत्री अमरदीप यादव एवं जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।