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हरमू चौक भाजपा की जागीर नहीं, बिना आदेश लगे बोर्ड पर प्रशासन करे कार्रवाई: कांग्रेस !
रांची: राजधानी रांची के प्रसिद्ध हरमू चौक का नाम बदलकर ‘विकसित भारत संकल्प सेवा चौक’ का बोर्ड लगाए जाने को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इस कदम पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरमू चौक किसी राजनीतिक दल की निजी जागीर नहीं, बल्कि जनता की सार्वजनिक संपत्ति है।
“भाजपा भ्रम पालना बंद करे, आदेश है तो सार्वजनिक करे”
कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए कि वह जब चाहे किसी सार्वजनिक चौक का नाम बदल सकती है या वहां अपना राजनीतिक बोर्ड टांग सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भाजपा का दावा है कि चौक का नाम बदला गया है, तो इसके पीछे का सरकारी आदेश, अधिसूचना और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति तत्काल सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने कहा, “अगर आधिकारिक आदेश है तो सामने लाइए, और यदि आदेश नहीं है तो यह साफ होना चाहिए कि किस अधिकार से सार्वजनिक स्थल पर बोर्ड लगाया गया।”
नगर निगम की कार्यशैली और प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
राकेश सिन्हा ने कहा कि यह सिर्फ एक बोर्ड लगाने का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने रांची नगर निगम की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए मांग की कि निगम प्रशासन यह स्पष्ट करे कि बोर्ड लगाने की अनुमति किसने और किस नियम के तहत दी।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि बिना अनुमति यह बोर्ड लगाया गया है, तो प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसे तत्काल हटाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करे।
“नारे लिख देने से राजनीतिक कार्यक्रम वैधानिक नाम नहीं बन जाता”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ‘विकसित भारत’ के नारे का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड पर बड़े-बड़े नारे लिख देने से कोई राजनीतिक कार्यक्रम किसी चौक का वैधानिक (कानूनी) नाम नहीं बन जाता। किसी भी स्थान का नामकरण कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है, न कि राजनीतिक घोषणाओं से।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केवल चौक पर बोर्ड चमकाने और ‘विकसित भारत’ लिख देने से विकास का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता। भाजपा को प्रचार करने के बजाय जनता के मूल सवालों का जवाब देना चाहिए।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला प्रशासन और संबंधित नगर निकाय से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है। सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया, “सार्वजनिक स्थल पर नियमों की अनदेखी हुई है तो प्रशासन को जवाब देना ही होगा। देश में कानून की किताब भाजपा के लिए अलग और आम नागरिक के लिए अलग नहीं हो सकती। जनता को केवल बोर्ड नहीं, बल्कि जवाब चाहिए।”