Home » झारखंड BJP ने SIR प्रक्रिया की धांधली पर निर्वाचन विभाग को सौंपा ज्ञापन, संथाल परगना में फर्जी मतदाताओं का आरोप
रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) के तहत मतदाता सूची के प्रारूप में सामने आ रही गंभीर विसंगतियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य निर्वाचन विभाग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह SIR के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस प्रतिनिधिमंडल में राकेश प्रसाद के साथ बबन गुप्ता और सुनील साहू भी मुख्य रूप से मौजूद थे।
“स्वच्छ मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव”: राकेश प्रसाद
ज्ञापन में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR-2026 अभियान का मूल उद्देश्य यह है कि ‘एक भी योग्य भारतीय मतदाता का नाम न छूटे और किसी भी गैर-भारतीय का नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो।’ हालांकि, झारखंड के कई अधिकारी और कर्मचारी इन नियमों के विपरीत कार्य कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने खासकर संथाल परगना प्रमंडल में सामने आ रही अनियमितताओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित समाचार पत्रों की प्रतियां भी ज्ञापन के साथ संलग्न कीं।
संथाल परगना में सामने आई ये चौंकाने वाली विसंगतियां:
25 जुलाई 2024 की सूची में भारी उछाल: साहेबगंज जिले के राजमहल विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या-343 (गृह संख्या-01) में वर्ष 2019 में केवल 4 मतदाता थे, जो 25 जुलाई 2024 की प्रकाशित सूची में बढ़कर 39 मतदाता हो गए।
उम्र का अजीबोगरीब गणित: राजमहल के इसी बूथ की सूची में दर्ज सैयद अली की आयु 69 वर्ष बताई गई है, जबकि उनके पुत्र गफूर शेख की आयु 67 वर्ष दर्ज है। यानी पिता और पुत्र के बीच केवल 2 वर्ष का अंतर दर्शाया गया है।
गायब मतदाता और पत्नी की उम्र: वर्ष 2019 में 34 वर्ष के आजाद अली का नाम 2024 की सूची से गायब है, लेकिन उनकी पत्नी आयसा का नाम दर्ज है, जिनकी उम्र 64 वर्ष दिखाई गई है।
15 साल का पिता और 30 साल में दादा: साहेबगंज जिले से ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां 15 वर्ष के मतदाता को पिता और 30 वर्ष की आयु में दादा दर्शाया गया है।
बिना मुस्लिम आबादी वाले गांव में मुस्लिम मतदाता: बोरियो विधानसभा क्षेत्र के मंडरो प्रखंड स्थित लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम परिवार का घर नहीं है, लेकिन मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाताओं के नाम शामिल हैं और उन्हें तेलियागढ़ी बूथ पर मतदान करते दिखाया जा रहा है।
राजमहल के बूथ 187 में वृद्धि: बूथ संख्या-187 (गृह संख्या-137) में वर्ष 2019 में मात्र 12 मतदाता थे, जो वर्तमान में बढ़कर 26 हो गए हैं।
BLA-2 को दी जा रही धमकियां, नियमों की अनदेखी
भाजपा नेताओं ने गोड्डा विधानसभा क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए बताया कि 25 अगस्त 2026 को बसंतराय प्रखंड के बूथ संख्या 9 एवं 38 के बीएलओ (BLO) ने भाजपा BLA-2 द्वारा जमा किया जाने वाला फार्म-7 लेने से स्पष्ट मना कर दिया। इसकी मौखिक शिकायत तुरंत बीडीओ और एसडीओ गोड्डा से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा, गोड्डा विधानसभा के बूथ संख्या 9 पर बीएलओ द्वारा BLA-2 की निजी जानकारी और जमा किए गए फॉर्म की सूचना स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक कर दी गई, जिससे BLA-2 को धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा का कहना है कि यह भारत निर्वाचन आयोग के गोपनीयता नियमों का घोर उल्लंघन है।
पारदर्शिता बनाए रखने की मांग
भाजपा ने मांग की है कि 15 सितंबर 2026 तक दावा-आपत्ति (फार्म-6, 7 और 8) दर्ज करने की प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं का नाम असत्यापित (No Mapping) श्रेणी में है, उनकी सुनवाई के बाद स्वीकृत सूची विधानसभावार सार्वजनिक की जाए ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही, दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर भविष्य में ऐसी विसंगतियों की पुनरावृत्ति रोकने के सख्त निर्देश दिए जाएं।