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झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी UG और PG सीटें, फैकल्टी व स्टाफ का होगा पुनर्गठन !
रांची: झारखंड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों और स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस (UG) और स्नातकोत्तर (PG) की सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। सीटों में इस बढ़ोतरी के अनुसार ही कॉलेजों में फैकल्टी, डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के पदों का पुनर्गठन (Restructuring) किया जाएगा।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को राज्य के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अधीक्षकों को वर्तमान मानव संसाधन और भविष्य की जरूरतों का सटीक आकलन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
1 सप्ताह में रिपोर्ट तलब, 3 साल की कार्ययोजना पर जोर
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, मेडिकल एजुकेशन निदेशक डॉ. पी. भट्टाचार्य और विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं अधीक्षक शामिल थे।
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेजों के भौतिक विस्तार (सिविल वर्क) के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन (Human Resource) का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी संस्थानों को अगले तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के निर्देश दिए।
विभिन्न मेडिकल कॉलेजों का लक्ष्य:
एसएनएमएमसीएच धनबाद: संस्थान ने वर्ष 2030 तक की लंबी अवधि की योजना पेश की है, जिसमें यूजी की सीटें बढ़ाकर 250 और पीजी की सीटें बढ़ाकर 200 करने का लक्ष्य है।
दुमका, हजारीबाग और पलामू: अधिकारियों को इन कॉलेजों में यूजी की सीटें 200 और पीजी की सीटें 150 तक बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए पूरे देश में होगा प्रचार
मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं:
संविदा एवं सेवानिवृत्त डॉक्टरों की सेवा: जरूरत पड़ने पर संविदा के आधार पर प्रोफेसरों की नियुक्ति की जाएगी और सेवानिवृत्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी।
राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन: दूसरे राज्यों और शहरों से योग्य प्राध्यापकों, सह-प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को आकर्षित करने के लिए पूरे देश में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
वॉक-इन इंटरव्यू: योग्य अभ्यर्थियों के चयन के लिए नियमित रूप से वॉक-इन-इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
बोकारो और चाईबासा में अगले वर्ष से शुरू हो सकती है पढ़ाई
समीक्षा बैठक के दौरान बोकारो और चाईबासा में निर्माणाधीन नए मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि दोनों मेडिकल कॉलेजों के भवनों का निर्माण कार्य अगले वर्ष तक पूरा होने की संभावना है।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि यदि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संसाधन समय पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं, तो अगले शैक्षणिक सत्र से ही दोनों कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने के प्रयास किए जाएं।