Home » दिल्ली में VIPs को क्यों मिले वोटर लिस्ट नोटिस? मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने स्थिति की साफ, जानें पूरी वजह
दिल्ली में VIPs को वोटर नोटिस पर मचे बवाल के बीच CEO का बड़ा बयान: “नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं, डेटा में सुधार की है प्रक्रिया”
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT of Delhi) में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR 2026) के दौरान VIPs और अन्य चिन्हित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने की खबरों पर राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने रविवार को प्रेस नोट जारी कर सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में चल रही “अस्तित्व के संकट” (Existential Crisis) संबंधी अफवाहों को खारिज किया है।
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि नोटिस जारी होने का मतलब मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाना नहीं है, बल्कि यह चुनाव आयोग के पोर्टल (ECINET) में डेटा को सटीक और अपडेट करने की एक सामान्य प्रक्रिया है।
31 अगस्त को जारी हुई थी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, दिल्ली (पुराना सेंट स्टीफंस कॉलेज भवन, कश्मीरी गेट) से जारी बयान के अनुसार, चुनाव आयोग ने 14 मई 2026 को दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के शेड्यूल की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य “कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति शामिल न हो” सुनिश्चित करना है।
बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर जाकर एकत्र की गई जानकारी के आधार पर 31 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल (प्रारूप मतदाता सूची) प्रकाशित किया गया था। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट, ERO/AERO कार्यालयों और सभी मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है।
किन मतदाताओं को जारी किए जा रहे हैं नोटिस?
आयोग के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल मतदाताओं को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटा गया है:
जिन्होंने खुद को या अपने पूर्वजों के रिकॉर्ड को पिछली गहन पुनरीक्षण सूची से सफलतापूर्वक जोड़ (Link/Map) लिया है।
जो पिछली गहन पुनरीक्षण सूची के रिकॉर्ड से खुद को लिंक नहीं कर पाए हैं।
इन दो मुख्य कारणों से भेजे जा रहे हैं नोटिस:
जिन्होंने पिछली गहन पुनरीक्षण सूची के साथ अपना लिंकेज पूरा नहीं किया है।
जिनके लिंकेज या डेटा मैपिंग में तकनीकी व तार्किक विसंगतियां (Logical Discrepancies) पाई गई हैं।
नाम काटने से पहले मिलेगा सुनवाई का पूरा मौका
प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया, सुनवाई का मौका दिए और लिखित आदेश के वोटर लिस्ट से नहीं काटा जा सकता।
नोटिस प्राप्त होने पर मतदाता संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) या बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को अपना जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा करा सकते हैं। चुनाव आयोग द्वारा तय दस्तावेजों की सूची केवल सांकेतिक (Indicative) है, अंतिम निर्णय ERO द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों और BLO की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
मुख्य तिथियां और जरूरी लिंक्स
नोटिस निस्तारण की अंतिम तिथि: 29 अक्टूबर 2026
अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का प्रकाशन: 04 नवंबर 2026
महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक्स:
ड्राफ्ट रोल डाउनलोड करने के लिए: [https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=U05](https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=U05)
वोटर लिस्ट में नाम खोजने के लिए: [https://electoralsearch.eci.gov.in/](https://electoralsearch.eci.gov.in/)
अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) सूची: [https://ceodelhi.gov.in/ceodelhiasdd/](https://ceodelhi.gov.in/ceodelhiasdd/)
जारी किए गए नोटिस की स्थिति जानने के लिए: [https://ceodelhinet.nic.in/ceodelhiweb/Notices](https://ceodelhinet.nic.in/ceodelhiweb/Notices) Issuedn.aspx
चुनाव आयोग ने दोहराया है कि वह एक पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।