Home » झारखंड में दवा खरीद घोटाले पर भाजपा का हमला: इरफान अंसारी पर अजय साह का बड़ा आरोप !
दवा खरीद में भारी गड़बड़ी का आरोप: भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को घेरा, ‘वोट चोरी की नौटंकी छोड़ दवाई चोरी पर दें जवाब’
रांची: झारखंड में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और टेंडर प्रक्रिया में पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अन्य राज्यों की तुलना में कई गुना महंगी खरीद का दावा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने भाजपा शासित राज्यों से तुलना करते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि जिन जरूरी दवाइयों को बिहार, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य काफी कम दर पर खरीद रहे हैं, उन्हीं दवाइयों के लिए झारखंड सरकार कई गुना अधिक राशि का भुगतान कर रही है।
Amoxicillin 500 mg (एंटीबायोटिक): बिहार में इसकी खरीद लगभग ₹1.15 प्रति टैबलेट की दर से हो रही है, जबकि झारखंड में इसके लिए लगभग ₹3.50 खर्च किए जा रहे हैं।
ORS (21 ग्राम): अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड में ORS के एक पैकेट के लिए लगभग ₹8.50 का भुगतान किया जा रहा है, जो बाजार और पड़ोसी राज्यों की दरों से काफी अधिक है।
टेंडर प्रक्रिया में पक्षपात और एक ही परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप
अजय साह ने कहा कि राज्य की टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के 11 सदर अस्पतालों से जुड़े 11 टेंडर रांची के एक ही परिवार से जुड़ी फर्मों को दे दिए गए। इन सभी टेंडरों में बाजार दर से कई गुना ज्यादा कीमत पर सामान और दवाइयों की खरीद की जा रही है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, अस्पतालों से गायब दवाएं
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य समस्याओं की सूची लगातार लंबी होती जा रही है:
एंबुलेंस सेवा बदहाल: मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है।
अस्पतालों में दवाओं का अकाल: किसी तरह अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को जरूरी दवाइयां नहीं मिल रही हैं।
लापरवाही और बर्बादी: इससे पहले भी अस्पतालों में एक्सपायर्ड दवाइयां मिलने और बड़ी मात्रा में दवाओं को फेंके जाने की खबरें सामने आती रही हैं।
“स्वास्थ्य विभाग को एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं मंत्री”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोलते हुए अजय साह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में लगातार हो रहे विवादों और घोटालों की राजनीतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर मंत्री की बनती है।
“स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में एंबुलेंस, मोतियाबिंद ऑपरेशन और अब दवा खरीद में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं। जो मंत्री वोट चोरी का अनर्गल राग अलाप कर नौटंकी कर रहे हैं, वे अपने विभाग में हो रही दवाइयों की इस खुली चोरी पर राज्य की जनता को जवाब दें।”
— अजय साह, प्रदेश प्रवक्ता (भाजपा)
भाजपा ने मांग की है कि दवा खरीद की दरों और टेंडर प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि जनता के पैसों की हो रही लूट पर रोक लगाई जा सके।