Home » रांची में परीक्षा रद्द होने पर बोले छात्र नेता रवींद्र पासवान: “आधा युद्ध जीते हैं, CBI जांच होने तक अनशन जारी रहेगा”
रांची: परीक्षा रद्द होने पर मना जश्न, लेकिन छात्र नेता बोले— ‘अधूरी जीत, CBI जांच तक अनशन जारी रहेगा’
रांची : झारखंड में परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 24 दिनों से चल रहा छात्रों का विशाल आंदोलन आखिरकार एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग मानते हुए विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया गया है। इस फैसले के बाद रांची के सड़कों पर छात्रों ने खुशी जताते हुए जश्न मनाया, लेकिन उनका साफ कहना है कि “लड़ाई अभी पूरी नहीं हुई है।”
मुख्यमंत्री का धन्यवाद, लेकिन सवाल अभी भी बरकरार: रवींद्र पासवान
आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता रवींद्र पासवान ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा रद्द होना केवल पहली जीत है।
रवींद्र पासवान का मुख्य बयान:
“हम मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करना चाहते हैं जिन्होंने 24 दिन बाद हमारी बात सुनी। हम एक बड़ी लड़ाई जरूर जीते हैं, मगर इसमें अभी और भी बहुत कुछ बाकी है। मुख्य सवाल यह है कि पेपर लीक और धांधली के पीछे कौन लोग थे? जब तक इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग नहीं मानी जाती, हम लोग अपना अनशन और आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।”
छात्रों की दो-टूक: ‘CBI जांच के बिना इंसाफ अधूरा’
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का मानना है कि परीक्षा रद्द कर देना इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं है।
निष्पक्ष जांच की मांग: छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं होता और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक भविष्य की परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं हैं।
आंदोलन जारी रहेगा: छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश होने तक रांची में उनका अनिश्चितकालीन अनशन और विरोध प्रदर्शन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
आगे क्या ?
सरकार के इस फैसले से लाखों अभ्यर्थियों को राहत जरूर मिली है, लेकिन छात्र नेताओं के कड़े रुख को देखते हुए यह साफ है कि रांची में छात्रों का हुजूम तब तक शांत नहीं होने वाला जब तक जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी (CBI) को नहीं सौंप दिया जाता।