Home » झारखंड मतदाता सूची पुनरीक्षण 2026: दावा-आपत्ति फेज के लिए CEO के. रवि कुमार के कड़े निर्देश आवश्यक दस्तावेजों की सूची
💥 “एक भी पात्र भारतीय छूटे न, कोई भी विदेशी नागरिक मतदाता न बने” – CEO के. रवि कुमार !
मुख्य बिंदु:
5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलेगा विशेष गहन पुनरीक्षण का दावा-आपत्ति चरण।
अन-मैप्ड और तार्किक विसंगतियों (Logical Errors) वाले मामलों में मतदाताओं को दिया जाएगा नोटिस।
नए मतदाताओं के लिए फॉर्म 6 और राज्य बदलने वालों के लिए फॉर्म 8 भरना होगा अनिवार्य।
सत्यापन प्रक्रिया के लिए आयोग ने जारी की 12 मान्य दस्तावेजों की अधिकृत सूची।
रांची।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के इन्यूमरेशन फेज (Enumeration Phase) के समापन के बाद अब 5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलने वाले दावा-आपत्ति फेज (Claims & Objections Phase) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी DEO, ERO, AERO, एडिशनल AERO और उप निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश एवं पीपीटी (PPT) आधारित प्रशिक्षण दिया।
🔍 निष्पक्षता और दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन
बैठक को संबोधित करते हुए CEO श्री के. रवि कुमार ने कहा कि दावा-आपत्ति के दौरान प्राप्त आवेदनों का निपटारा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
नोटीस जारी किया जाएगा: जिन मामलों में अन-मैप्ड (Un-mapped) या तार्किक विसंगतियां पाई जाएंगी, उनमें संबंधित नागरिकों को नोटिस जारी कर जरूरी दस्तावेज प्राप्त किए जाएंगे।
ERO/AERO का तार्किक आदेश: प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मतदाता की पहचान, घोषणा-पत्र, जन्मतिथि और सामान्य निवास स्थान का भौतिक व डिजिटल सत्यापन किया जाएगा।
📝 नए एवं स्थानांतरित मतदाताओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
नए मतदाता (Form 6): 5 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद छूटे हुए सभी पात्र भारतीय नागरिकों से फॉर्म 6 एवं घोषणा-पत्र जमा कराया जाएगा।
अंतर-राज्यीय स्थानांतरण (Form 8): ऐसे मतदाता जो वर्तमान में झारखंड के सामान्य निवासी हैं, लेकिन उनका नाम किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है, वे फॉर्म 8 के साथ घोषणा-पत्र भरकर झारखंड में अपना नाम स्थानांतरित करवा सकते हैं।
📄 दावा-आपत्ति के लिए मान्य 12 अधिकृत दस्तावेज
सत्यापन के दौरान मतदाता अपनी पहचान एवं निवास की पुष्टि हेतु निम्नलिखित 12 दस्तावेजों में से कोई भी एक समर्पित कर सकते हैं:
सरकारी/PSU पहचान पत्र या PPO: केंद्र/राज्य सरकार/PSU द्वारा जारी नियमित कर्मचारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
01 जुलाई 1987 से पूर्व का दस्तावेज: सरकार/स्थानीय प्राधिकार/बैंक/डाकघर/LIC/PSU द्वारा जारी पुराना प्रमाण-पत्र/दस्तावेज।
जन्म प्रमाण-पत्र: सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी बर्थ सर्टिफिकेट।
पासपोर्ट: वैध भारतीय पासपोर्ट।
शैक्षणिक प्रमाण-पत्र: मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक/संबद्ध प्रमाण-पत्र।
स्थायी निवास प्रमाण-पत्र: सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा निर्गत डोमिसाइल सर्टिफिकेट।
वन अधिकार प्रमाण-पत्र (Forest Rights Certificate)।
जाति प्रमाण-पत्र: सक्षम अधिकारी द्वारा निर्गत OBC/SC/ST प्रमाण-पत्र।
NRC: राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ लागू हो)।
परिवार रजिस्टर (Family Register): राज्य/स्थानीय प्राधिकार द्वारा तैयार।
भूमि/आवास आवंटन प्रमाण-पत्र: सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आवंटन पत्र।
विगत SIR निर्वाचक नामावली का उद्धरण (Superior Document): पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची के संबंधित पार्ट/पीडीएफ में खुद का या संबंधी का विवरण रेखांकित प्रति। इसे प्राथमिक (Superior) दस्तावेज माना जाएगा।
👥 उच्चस्तरीय अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस राज्यस्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से:
श्री सुबोध कुमार (अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी)
श्री देवदास दत्ता (राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी)
श्री धीरज कुमार ठाकुर (उप निर्वाचन पदाधिकारी)
श्री संजय कुमार (उप निर्वाचन पदाधिकारी, लोहरदगा)
श्री कालिदास मुंडा (उप निर्वाचन पदाधिकारी, धनबाद)
श्री सुनील कुमार सिंह (अवर निर्वाचन पदाधिकारी)