Home » झारखंड: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने रामगढ़ में मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण, दिए निर्देश !
रामगढ़ में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण, होम-टू-रोल वेरिफिकेशन में तेजी लाने के निर्देश !
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने रामगढ़ जिले के आठ मतदान केंद्रों पर पहुंचकर बीएलओ और बीएलए-2 की बैठक व चुनाव पाठशाला का जायजा लिया। साथ ही फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन और एसआईआर कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्य बातें (Key Highlights):
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने रामगढ़ जिले के 8 मतदान केंद्रों (संख्या 94, 95, 121, 122, 123, 125, 126 एवं 127) का औचक निरीक्षण किया।
राज्यभर में 12 नवंबर तक चलने वाले होम-टू-रोल वेरिफिकेशन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को फॉर्म-6 उपलब्ध कराने और उनके डिजिटाइजेशन में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
रामगढ़ जिले में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), झारखंड श्री के. रवि कुमार ने आज विभिन्न मतदान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) की पांचवीं बैठक तथा चुनाव पाठशाला कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की।
दस्तावेजों के सत्यापन और मैपिंग पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि एसआईआर (SIR) के तहत मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में पूरा सहयोग किया जाए। सक्षम पदाधिकारियों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, वंशावली उपलब्ध कराने तथा अन्य राज्यों से संबंधित मतदाताओं की मैपिंग, संबंधित राज्यों के पिछले एसआईआर मतदाता सूची के आधार पर सुनिश्चित करने को कहा गया।
युवाओं को जोड़ने और फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन पर निर्देश
श्री के. रवि कुमार ने बीएलओ को हाउस-टू-हाउस सर्वे के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले और भावी मतदाताओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने में सहायता प्रदान की जाए। साथ ही, बीएलओ रजिस्टर में सभी प्रविष्टियां नियमनुसार दर्ज हों।
निरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए विशेष कैंप लगाने का अनुरोध किया गया। इस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आश्वासन देते हुए राज्यभर में 12 नवंबर तक संचालित होम-टू-रोल वेरिफिकेशन के सभी लंबित कार्यों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया।
पारदर्शी मतदाता सूची पर फोकस
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि होम-टू-रोल वेरिफिकेशन के दौरान प्रत्येक घर का सटीक सत्यापन किया जाए, ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से छूटे नहीं और किसी भी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो सके।