Home » रिम्स बना अवैध वसूली का केंद्र, झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर: भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह
रिम्स अब गरीब मरीजों की मदद की बजाय अवैध वसूली का बना केंद्र : अभय सिंह !
रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने राज्य की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरता, जब अखबारों की सुर्खियां स्वास्थ्य विभाग की कुव्यवस्था की पोल न खोलती हों। इसके बावजूद यह संवेदनहीन सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है।
“स्वास्थ्य विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार, मनमानी और धूर्तता का सीधा असर राज्य की गरीब जनता पर पड़ रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई को दोनों हाथों से लूटा जा रहा है। चिकित्सक हों या ठेकेदार, किसी को भी इस सरकार का कोई खौफ नहीं है।”
— अभय सिंह, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
1. रिम्स (RIMS) में चरम पर अराजकता: 25 रुपये की जगह 240 रुपये की वसूली
भाजपा प्रवक्ता ने सीधे तौर पर राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि:
झामुमो-कांग्रेस सरकार की नाक के नीचे रिम्स अब मरीजों के इलाज के बजाय अवैध वसूली का अड्डा बन चुका है।
रिम्स के विश्राम गृह में जहां नियमतः 25 रुपये तय हैं, वहां कैंटीन संचालक द्वारा गरीब मरीजों के परिजनों से 240 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है।
रिम्स में ठेकेदारों और कुछ चिकित्सकों की मिलीभगत के कारण जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है।
2. पोटका और हजारीबाग की घटनाओं ने खोली विकास के दावों की पोल
अभय सिंह ने राज्य के ग्रामीण इलाकों की दो दर्दनाक घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा:
पोटका प्रखंड: इलाज के अभाव में और मलेरिया के कारण 8 मासूम ग्रामीणों की मौत हो गई, तब जाकर स्वास्थ्य महकमा जागा।
हजारीबाग: सड़क न होने के कारण गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई। नतीजा यह हुआ कि एक ‘बिरहोर’ आदिम जनजाति की महिला के शव को ग्रामीणों को खटिया पर लादकर 2 किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ा।
यह घटनाएं साबित करती हैं कि सरकार के विकास के सारे दावे पूरी तरह से हवाई और जमीनी हकीकत से दूर हैं।
3. “जनता भगवान भरोसे, मंत्रियों का इलाज बाहर”
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए अभय सिंह ने कहा कि दोनों नेता सिर्फ बड़ी-बड़ी डींगे हांक रहे हैं। जमीनी सच्चाई यह है कि:
झारखंड सरकार अपने मंत्रियों और विधायकों का इलाज राज्य से बाहर देश के बेहतरीन अस्पतालों में कराती है।
दूसरी तरफ, राज्य की गरीब जनता को इलाज के लिए भटकने और दम तोड़ने के लिए भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
कांग्रेसी स्वास्थ्य मंत्री और झामुमो सरकार पूरी तरह संवेदनहीन हो चुकी है, जिसे जनता के दर्द से कोई सरोकार नहीं है।