Home » रांची में अवैध शराब बॉटलिंग प्लांट पर बड़ा एक्शन: लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा, पूर्व MLC समेत 3 गिरफ्तार
रांची में अवैध शराब बॉटलिंग प्लांट पर बड़ा एक्शन: लाइसेंस रद्द करने की तैयारी, पूर्व MLC सुबोध राय गिरफ्तार
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अवैध शराब के एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड (शराब बॉटलिंग प्लांट) पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब जब्त की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग अब इस प्लांट का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द (Cancel) करने की बड़ी तैयारी में है और इसकी आधिकारिक अनुशंसा कर दी गई है.

इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में बिहार के पूर्व आरजेडी (RJD) एमएलसी सुबोध राय समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
🚨 मुख्य हाईलाइट्स: क्या-क्या हुआ?
बड़ी बरामदगी: प्लांट से 303 पेटी अवैध विदेशी शराब और भारी मात्रा में बीयर जब्त की गई है।
दूसरे राज्यों के फर्जी लेबल: जब्त बोतलों पर ‘For Sale Only in UP’ और ‘For Sale in Delhi’ के फर्जी लेबल चिपकाए गए थे।
हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी: फैक्टरी के मालिक और पूर्व एमएलसी सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय को बुधवार देर रात गिरफ्तार किया गया।
लाइसेंस पर संकट: नियमों के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों के कारण बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
‘यूपी और दिल्ली’ के नाम पर खपाई जा रही थी शराब
जांच टीम के अनुसार, इस बॉटलिंग प्लांट में नामी ब्रांड्स (जैसे आफ्टर डार्क, 8 PM और किंगफिशर बीयर) की अवैध पैकिंग और लेबलिंग की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि यहाँ तैयार होने वाली अवैध शराब को उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजारों के साथ-साथ झारखंड के स्थानीय इलाकों में भी खपाने की साजिश थी। मौके से पैकिंग सामग्री और भारी मात्रा में नकली होलोग्राम व उपकरण बरामद किए गए हैं।
पहले भी सील हो चुका है यह प्लांट
ओरमांझी पुलिस के मुताबिक, इस प्लांट में अवैध धंधे का यह कोई पहला मामला नहीं है।
पुरानी हिस्ट्री: इससे पहले मार्च 2023 में भी उत्पाद विभाग ने इसी फैक्टरी पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की थी और इसे सील कर दिया था। इसके बावजूद दोबारा गुपचुप तरीके से उत्पादन शुरू करना प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।
अब आगे क्या ?
मामले पर ओरमांझी थाना प्रभारी ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नियमों की धज्जियां उड़ाने और गैर-कानूनी तरीके से नकली लेबलिंग करने के कारण अब इस शराब बॉटलिंग प्लांट को रियायत देने का कोई चांस नहीं है। लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा फाइल आगे बढ़ा दी गई है, जिससे इस सिंडिकेट पर पूरी तरह ताला लग सके।