Home » कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान: लोहरदगा में बूथ से लोकसभा तक संगठन मजबूती का संकल्प, के. राजू और बंधु तिर्की के तीखे तेवर
संगठन सृजन अभियान: बूथ से लोकसभा तक कांग्रेस को मजबूत करने का संकल्प, निष्क्रिय पदाधिकारियों पर गिर सकती है गाज
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
सख्त संदेश: काम न करने वाले पदाधिकारियों को पद से हटाकर समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी।
तीन महीने में रिपोर्ट कार्ड: प्रभारी के. राजू का ऐलान—हर 3 महीने में होगी संगठन के कामकाज की समीक्षा।
SIR पर आर-पार: चुनाव आयोग की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस करेगी जोरदार विरोध।
बड़ा लक्ष्य: राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे कार्यकर्ता।
मांडर (रांची): मांडर प्रखंड के ब्राम्बे स्थित तिग्गा कॉम्प्लेक्स में सोमवार को कांग्रेस पार्टी के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत लोहरदगा लोकसभा स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बूथ स्तर से लेकर लोकसभा स्तर तक पार्टी को सक्रिय और जवाबदेह बनाने पर गहन मंथन हुआ।
इस बैठक में मुख्य रूप से कांग्रेस के प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी सिरीवेला प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, सांसद सुखदेव भगत, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और भूपेश मरावी सहित भारी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
1. पदाधिकारियों की कम उपस्थिति पर बंधु तिर्की का कड़ा रुख
कार्यक्रम में पदाधिकारियों की कम हाजिरी पर मंच संचालक व पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा:
जवाबदेही तय हो: जिम्मेदारी लेने वाले पदाधिकारियों को कार्यक्रमों में सक्रिय रहना होगा।
निष्क्रिय लोगों की छुट्टी: जो लोग पद लेकर काम नहीं कर रहे, उनकी समीक्षा कर उन्हें हटाया जाए और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे लाया जाए।
अनुशासन ही ताकत: संगठन की मजबूती केवल अनुशासन और सक्रियता से ही संभव है।
2. हर 3 महीने में होगी संगठन की समीक्षा: के. राजू
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी के. राजू ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि पूरे साल जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना होगा।
3 महीने में समीक्षा: हर तीन महीने पर संगठन के कामकाज और जनसंपर्क की समीक्षा होगी।
टीम वर्क पर जोर: व्यक्तिगत राजनीति छोड़कर एक टीम के रूप में काम करें।
समस्या निवारण: कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा प्राथमिकता से किया जाएगा।
पंचायत कमेटियां सक्रिय हों: ग्राम पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें हों और स्थानीय मुद्दों को उठाया जाए।
SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा
के. राजू ने SIR के मुद्दे पर कहा कि चुनाव आयोग की गलत नीतियों के कारण आम जनता मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही है। किसी भी नागरिक को मताधिकार से वंचित करना उसके मौलिक अधिकारों पर हमला है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से जोरदार विरोध दर्ज कराएगी।
3. लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई: शिल्पी नेहा तिर्की
झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी चुनाव केवल सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा की लड़ाई है।
“हमारा मुख्य संकल्प जनता की आवाज को बुलंद करना और जननेता राहुल गांधी जी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। संगठन की असली ताकत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का विश्वास है।”
— शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री
बैठक में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
बैठक में रांची जिलाध्यक्ष सोमनाथ मुंडा, गुमला जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा, लोहरदगा जिलाध्यक्ष सुखैर भगत, मांगा उरांव, आबिद अंसारी, सेरोफिना मिंज, जमील मलिक, होसे उरांव, मो. इस्तियाक, डॉ. जुल्फेकार अली, मो. गेयास, रमेश महली, जयंत बारला और मजकूर आलम सिद्दीकी समेत कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।