Home » रांची के केंद्रीय रेडियोलॉजी हब पहुंचीं ईगो फाउंडेशन की बिसोया लोइतोंगबाम
रांची : झारखंड में सुदूर इलाकों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के डिजिटल मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। इसी कड़ी में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित 10-बेड आईसीयू परियोजना से जुड़ी ईगो फाउंडेशन (EGO Foundation) की प्रतिनिधि सुश्री बिसोया लोइतोंगबाम ने रांची के सदर अस्पताल परिसर स्थित केंद्रीय रेडियोलॉजी विभाग एवं केंद्रीय रेडियोलॉजी हब (Central Radiology Hub) का विशेष दौरा किया।
इस भ्रमण के दौरान उन्होंने झारखंड की इस अभिनव टेलीरेडियोलॉजी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली को बारीकी से समझा और इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
📊 प्रेजेंटेशन से समझी हब की कार्यप्रणाली
दौरे के दौरान केंद्रीय रेडियोलॉजी हब के प्रभारी डॉ. अनिश चौधरी ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया। उन्होंने बताया कि कैसे यह हब झारखंड के अलग-अलग सुदूर जिलों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों को डिजिटल रूप से एक नेटवर्क में जोड़ता है। इस मॉडल के जरिए ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों के एक्स-रे, सीटी स्कैन और अन्य रेडियोलॉजी इनपुट्स विशेषज्ञों तक तुरंत पहुंचते हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और बेहद त्वरित रिपोर्टिंग संभव हो पा रही है।
इस मौके पर सदर अस्पताल, रांची के उपाधीक्षक-सह-शल्य चिकित्सक एवं केंद्रीय रेडियोलॉजी हब के समन्वयक डॉ. अखिलेश झा भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डायग्नोस्टिक (निदान) सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों की जानकारी साझा की।
💡 भविष्य में तकनीकी और रिसोर्स सपोर्ट का भरोसा
सुश्री बिसोया लोइतोंगबाम ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त, सुलभ और किफायती बनाने वाला एक अभिनव मॉडल बताया।
बड़ी घोषणा: सुश्री बिसोया ने केंद्रीय रेडियोलॉजी हब को भविष्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मॉडल की जानकारी उच्च अधिकारियों और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक पहुंचाएंगी, ताकि संभावित साझेदारी (Collaborations) विकसित की जा सके। इसके अलावा उन्होंने आवश्यक तकनीकी-सॉफ्टवेयर सहायता और संसाधनों (Donations) के माध्यम से इस परियोजना को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सक्रिय प्रयास करने की बात कही।
अंतिम सत्र में केंद्रीय रेडियोलॉजी हब की टीम ने ईगो फाउंडेशन के इस सहयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि संयुक्त प्रयासों से झारखंड में डायग्नोस्टिक सेवाओं का दायरा और भी ज्यादा व्यापक होगा।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights at a Glance)
खास दौरा: ईगो फाउंडेशन की प्रतिनिधि सुश्री बिसोया लोइतोंगबाम ने रांची सदर अस्पताल स्थित डिजिटल हब का निरीक्षण किया।
क्या है मॉडल: टेलीरेडियोलॉजी के जरिए राज्य के सभी जिलों और मेडिकल कॉलेजों को जोड़कर त्वरित रेडियोलॉजी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
तकनीकी मदद: फाउंडेशन भविष्य में सॉफ्टवेयर सपोर्ट, रिसोर्स और अन्य तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए काम करेगा।
सराहना: राष्ट्रीय स्तर की परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों ने इस मॉडल को दूसरे राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बताया।