Home » UP Global Growth Dialogue 2026: IBM लखनऊ में खोलेगा AI सॉफ्टवेयर लैब, कॉग्निजेंट ने की GCC नीति की तारीफ
🚀 बेंगलुरु में चमका ‘यूपी मॉडल’: IBM लखनऊ में खोलेगा नई AI सॉफ्टवेयर लैब, कॉग्निजेंट ने सराही GCC नीति
एम्बेसी ग्रुप ने उत्तर प्रदेश को बताया देश की विकास गाथा का केंद्र; सुशासन और 25% कैपिटल सब्सिडी के भरोसे निवेशकों ने बढ़ाए कदम
बेंगलुरु/लखनऊ: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026’ के हाई-प्रोफाइल रोड शो में यूपी के विकास मॉडल की धूम रही। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियों के टॉप बॉस और इंडस्ट्री लीडर्स ने एक सुर में माना कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी (AI & GCC) का सबसे बड़ा राष्ट्रीय केंद्र बनकर उभरा है।
इस दौरान एम्बेसी ग्रुप, आईबीएम (IBM) और कॉग्निजेंट (Cognizant) के शीर्ष अधिकारियों ने राज्य की कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की जमकर सराहना की।
🧠 IBM का बड़ा दांव: लखनऊ में खुलेगी नई AI सॉफ्टवेयर लैब
आईबीएम इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ तेजस्विनी राजवाड़े ने उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस साल की शुरुआत में लखनऊ में ‘एआई गवर्नमेंट टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर’ लॉन्च करने के बाद अब कंपनी वहां एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है:
नेक्स्ट-जेन एआई पर फोकस: IBM लखनऊ में एक नई सॉफ्टवेयर लैब स्थापित करने जा रहा है, जो पूरी तरह से जनरेटिव एआई (GenAI) और ऑथेंटिक एआई तकनीकों पर केंद्रित होगी।
वैश्विक नेटवर्क का हिस्सा: यह लैब आईबीएम के ग्लोबल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगी।
आईबीएम का बयान: “यूपी की सबसे बड़ी ताकत इसकी युवा आबादी और प्रतिभाशाली इंजीनियर्स हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुरक्षा और सुशासन पर दिया गया जोर निवेशकों के विश्वास की सबसे मजबूत नींव है।”
💼 कॉग्निजेंट के नोएडा में 10,000+ कर्मचारी, GCC नीति को बताया ‘गेम चेंजर’
कॉग्निजेंट के वाइस प्रेसिडेंट गौरव हाजरा ने बताया कि उत्तर प्रदेश का एनसीआर क्षेत्र अब बिजनेस ऑपरेशंस के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी बन चुका है। उन्होंने यूपी सरकार की नीतियों की तारीफ करते हुए कहा:
विशाल वर्कफोर्स: नोएडा में आज कॉग्निजेंट के 10,000 से अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं (पूरे एनसीआर में करीब 20,000)।
GCC नीति की तारीफ: यूपी की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के तहत मिलने वाली 25% कैपिटल सब्सिडी और ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर सपोर्ट बड़े निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक है।
एआई सिटी: लखनऊ में बन रही ‘एआई सिटी’ और ‘एआई प्रज्ञा’ जैसी पहल यूपी को एआई-आधारित अर्थव्यवस्था में सबसे आगे खड़ा करेगी।
🏢 “महानगरों से बाहर निकलकर यूपी बना निवेश की अगली मंजिल” — एम्बेसी ग्रुप
एम्बेसी ग्रुप के सीईओ अमित शेट्टी ने कहा कि भारत की विकास गाथा अब केवल कुछ गिने-चुने महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों के नए कॉरिडोर और उद्यम केंद्रों तक फैल चुकी है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा: मजबूत एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) की वजह से यह क्षेत्र एनसीआर का सबसे बड़ा टेक हब बन चुका है।
लखनऊ का नया अवतार: लखनऊ अब सिर्फ प्रशासनिक शहर नहीं, बल्कि अपनी सर्विस इकोनॉमी और मजबूत टैलेंट बेस के दम पर एक आधुनिक शहरी आर्थिक केंद्र में बदल चुका है।