Home » रांची में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बड़ी कार्रवाई: ‘City Ultrasound’ सील, मशीनें ज़ब्त; उपायुक्त ने दी सख्त चेतावनी
रांची में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जिला प्रशासन का बड़ा डंडा: ‘City Ultrasound’ सील, मशीनें और दस्तावेज ज़ब्त
कांटाटोली चौक के पास गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी; उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री बोले— “भ्रूण हत्या और लिंग असंतुलन फैलाने वालों पर होगी सख्त से सख्त कार्रवाई”
रांची : राजधानी रांची में अवैध रूप से चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के कड़े निर्देश पर आज कांटाटोली चौक के पास एक अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर पर औचक छापेमारी की गई और उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
“भ्रूण हत्या एवं लिंग अनुपात असंतुलन को बढ़ावा देने वाले किसी भी तत्व के विरुद्ध जिला प्रशासन शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर कार्य कर रहा है। ऐसे अवैध केंद्रों के खिलाफ नियमित निगरानी और छापेमारी जारी रहेगी।”
— श्री मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची
🚨 गुप्त सूचना पर गैलेक्सी कॉम्प्लेक्स में रेड
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि कांटाटोली चौक के निकट ‘Galaxy Complex’ के प्रथम तल पर स्थित ‘City Ultrasound’ नामक केंद्र बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहा है। इस केंद्र के संचालक डॉ. राजेश कुमार द्वारा नियमों को ताक पर रखकर इसे संचालित किया जा रहा था। सूचना की प्रामाणिकता जांचने के बाद अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल टीम का गठन कर छापेमारी की गई।
📋 ज़ब्त की गई सामग्रियों की सूची
जांच टीम ने मौके पर गड़बड़ी पाते हुए केंद्र को तुरंत सील कर दिया और निम्नलिखित सामग्रियां ज़ब्त कीं:
अल्ट्रासाउंड मशीन: (Make – GE, Model – Logiq C5, Serial No. 244769WX6)
तकनीकी उपकरण: कंप्यूटर सेट और प्रिंटर
दस्तावेज: ANC रजिस्टर, बिल बुक तथा अन्य संबंधित सामग्री
👥 छापेमारी टीम में कौन-कौन थे शामिल?
यह कार्रवाई एक संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने की। इस टीम में शामिल प्रमुख सदस्य:
उपायुक्त द्वारा नामित मजिस्ट्रेट
लोअर बाजार थाना प्रभारी (महिला एवं पुरुष पुलिस बल के साथ)
सिविल सर्जन कार्यालय के प्रतिनिधि और चिकित्सा पदाधिकारी
जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी
⚖️ क्या कहता है कानून?
सिविल सर्जन (सदर रांची) ने इस कार्रवाई पर स्पष्ट किया कि PC & PNDT Act (गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) की अनुमति के बिना किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर का संचालन पूरी तरह से गैर-कानूनी है। कोई भी केंद्र अगर इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमा और सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।