Home » Ranchi News: कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी और कांग्रेस महिला मोर्चा आमने-सामने, झारखंड की सियासत गरमाई !
रांची के कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बीजेपी और कांग्रेस महिला मोर्चा आमने-सामने, झारखंड की सियासत में उबाल !
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में राजनीतिक पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। शनिवार को रांची में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जो राज्य की सियासत में बढ़ती तल्खी और आक्रामक होती सड़क की राजनीति की गवाही दे रही हैं। सड़क पर एक तरफ बीजेपी महिला मोर्चा और दूसरी तरफ कांग्रेस की महिला ब्रिगेड आमने-सामने थीं, जहां जुबानी जंग और तीखे नारों ने माहौल को कुछ देर के लिए तनावपूर्ण बना दिया।
जेएनयू विवाद और सांसद अकोइजम को लेकर बीजेपी का हल्ला बोल
प्रदर्शन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) महिला मोर्चा की ओर से की गई। जेएनयू (JNU) में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम (Angomcha Bimol Akoijam) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय का घेराव कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष सीमा सिंह की अगुवाई में पहुंची बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उनका मुख्य उद्देश्य सांसद की सदस्यता समाप्त करने, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी सजा दिलाने की मांग करना था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी आड़े हाथों लिया और तीखे सवाल उठाए।
कांग्रेस का पलटवार: ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग पर निशाना
बीजेपी के इस आक्रामक प्रदर्शन का जवाब देने के लिए कांग्रेस की महिला ब्रिगेड भी पूरी ताकत के साथ सड़क पर उतर आई। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रमा खलको ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मोर्चा संभाला।
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का रक्षात्मक जवाब देने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया और चुनावी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी। इस तरह, जहां एक तरफ बीजेपी महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही थी, वहीं कांग्रेस ने चुनाव प्रणाली से जुड़े सवालों को उठाकर सियासी पलटवार किया।
पुलिस की बैरिकेडिंग और तनावपूर्ण माहौल
दोनों पार्टियों के महिला मोर्चों के बीच इस आमने-सामने की स्थिति ने रांची की सड़कों पर राजनीतिकगर्मी बढ़ा दी। दोनों तरफ से हो रही नारेबाजी और तीखे हमलों के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस की मजबूत बैरिकेडिंग के दोनों तरफ कार्यकर्ता डटे रहे। हालांकि, भारी पुलिस सुरक्षा और मुस्तैदी के बीच दोनों पक्षों ने अपना-अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा और अंततः स्थिति शांतिपूर्ण तरीके से नियंत्रित कर ली गई।
सियासी मायने
रांची की सड़क पर हुआ यह टकराव साफ संदेश देता है कि झारखंड में बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक लड़ाई अब सिर्फ सदन या बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जमीन पर पूरी ताकत से लड़ी जा रही है। महिला सम्मान से लेकर चुनाव प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ जैसे राष्ट्रीय-प्रादेशिक मुद्दे आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति को और अधिक गरमाने वाले हैं।