Home » पलामू में अंधविश्वास की बलि चढ़ा पूरा परिवार? रहस्यमय बीमारी से 5 की मौत, ओझा की ‘राख’ खाने का चौंकाने वाला खुलासा
Jharkhand Palamu News: पलामू के पंडवा अंतर्गत सिक्का गांव में रहस्यमय बीमारी से एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत से हड़कंप। इलाज के बजाय ओझा की राख खाने का मामला सामने आया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
मेदिनीनगर/रांची: झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और आंखें खोल देने वाली घटना सामने आई है। पंडवा प्रखंड के सिक्का कला गांव में पिछले 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के पांच सदस्यों की रहस्यमय बीमारी से मौत हो चुकी है। इस घटना ने जहां पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, वहीं आधुनिक युग में अंधविश्वास की एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने रखी है, जिसने प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं।

सोमवार सुबह रांची के रिम्स (RIMS) में इलाज के दौरान परिवार के पांचवें सदस्य नकुल महतो ने भी दम तोड़ दिया, जबकि उसकी मां लाखों देवी अभी भी आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं।
🚨 मुख्य हाइलाइट्स
10 दिन, 5 मौतें: परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की 19 जून को पहली मौत हुई थी। इसके बाद 29 जून तक देखते ही देखते परिवार के 5 लोग काल के गाल में समा गए।
अंधविश्वास का खौफनाक पहलू: शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार पिछले 5 सालों से किसी भी बीमारी पर डॉक्टर के पास जाने के बजाय स्थानीय ओझा द्वारा दी गई ‘राख’ (Sacred Ash) को सरसों तेल में मिलाकर खा रहा था।
इलाज से भागता रहा परिवार: स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने परिवार को अस्पताल पहुंचाने के लिए 4 बार रेस्क्यू किया, लेकिन परिजन हर बार अस्पताल से भागकर झाड़-फूंक कराने लेस्लीगंज के पूर्णाडीह पहुंच जाते थे।
बीमारी के लक्षण: ग्रामीणों के मुताबिक, मृतकों के शरीर में सबसे पहले पैरों में सूजन (Swelling) आती थी, जिसके बाद तेजी से खून की कमी होती थी और फिर पूरा शरीर सूज जाता था।
क्या कहती है मेडिकल टीम?
पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, शुरुआती लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों को ‘एपिडेमिक ड्रॉप्स’ (Epidemic Dropsy) की आशंका है, जो अक्सर मिलावटी सरसों तेल के सेवन से होती है। स्वास्थ्य विभाग ने ओझा की उस राख और परिवार के घर से सरसों तेल के सैंपल जब्त कर जांच के लिए फॉरेंसिक लैब (FSL) भेज दिए हैं।
⏳ कैसे उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार (घटनाक्रम)
तारीखसदस्य जिसकी मौत हुईस्थान
19 जून कुलदीप महतो (पिता / परिवार के मुखिया)मेदिनीनगर अस्पताल
20 जून बबीता कुमारी (पुत्री)मेदिनीनगर अस्पताल
26 जून इंदु कुमारी (दूसरी पुत्री)झाड़-फूंक के दौरान मौत
28 जून श्वेता देवी (पुत्रवधू)रिम्स, रांची
29 जून नकुल महतो (पुत्र)रिम्स, रांची
प्रशासन ने अब सिक्का गांव और पूर्णाडीह दोनों जगहों पर मेडिकल कैंप लगा दिया है। गांव के करीब 70 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह बीमारी गांव के अन्य लोगों में न फैले।