Home » हेमंत सोरेन नियुक्ति पत्र वितरण, झारखंड सहायक आचार्य बहाली 2026, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय झारखंड।
शिक्षा क्रांति की ओर झारखंड: CM हेमंत सोरेन ने 1,042 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को बांटे नियुक्ति पत्र !
रांची (खेलगांव): झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने आज टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित एक भव्य समारोह में 1,042 नव चयनित इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षकों के लिए कंटीन्यूअस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (सीपीडी) प्रशिक्षण का ऑनलाइन शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों को राज्य की ‘बौद्धिक संपदा’ बताते हुए कहा कि अब झारखंड की भावी पीढ़ी का भविष्य गढ़ने की कमान उनके हाथों में है।
”शिक्षकों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी, दुर्गम क्षेत्रों में संभालें मोर्चा”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना अब इन नवनियुक्त शिक्षकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे दुर्गम और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर अपने आचरण और व्यवहार से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
CM हेमंत सोरेन की दो टूक चेतावनी:

“झारखंड के स्कूलों से बच्चों के साथ दुर्व्यवहार या बर्बरता की कोई खबर नहीं आनी चाहिए। सरकार जितनी संवेदनशीलता से शिक्षकों को आगे बढ़ाती है, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उतने ही कड़े कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी।”
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आज के दौर में किसी व्यक्ति की जाति या धर्म नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, दक्षता और विचार को महत्व मिलता है, इसलिए शिक्षकों को समाज में एक सकारात्मक माहौल बनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (Schools of Excellence) ने बदली धारणा
सरकारी शिक्षा व्यवस्था में आ रहे बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2021 में शुरू किए गए ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय’ मॉडल पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
बढ़ता भरोसा: शहरी क्षेत्रों में जहाँ इन स्कूलों में 9 से 10 हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं दाखिले के लिए 40 हजार से अधिक आवेदन आ रहे हैं, जो प्राइवेट स्कूलों के समानांतर सरकारी शिक्षा की सफलता को दर्शाता है।
साइंस शिक्षकों की कमी दूर: इस बहाली में 200 से अधिक विज्ञान संकाय के शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अब राज्य के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी विज्ञान पढ़कर डॉक्टर और इंजीनियर बनेंगे।
भावुक हुए नवनियुक्त शिक्षक: साझा किए अपने अनुभव
समारोह के दौरान जब नवनियुक्त शिक्षकों को मंच पर अपनी बात रखने का मौका मिला, तो माहौल बेहद भावुक और उत्साह से भर गया:
श्रीमती सीता कुमारी (रांची): “22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आज माननीय मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिल रहा है। ‘मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना’ और ‘सावित्रीबाई फुले योजना’ जैसी योजनाओं से आज राज्य के बच्चे अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं।”
श्री मनोज कुमार वैद्य: “मुख्यमंत्री जी ने साल 2026 को ‘नियुक्तियों का वर्ष’ घोषित किया था और आज मेरा चयन उनकी इसी पारदर्शी नीति और कठिन परिश्रम का परिणाम है।”
श्री प्रदीप कुमार यादव: “जब मेरा रिजल्ट आया, तो मेरी मां ने अखबार में मुख्यमंत्री जी की तस्वीर देखकर उन्हें तीन बार प्रणाम किया। मेरी मां इस बात से बेहद खुश हैं कि बिना एक रुपया दिए, इतनी पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से यह भर्ती हुई है।”
समारोह में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामयी नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में राज्य के वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विभागीय सचिव श्री उमा शंकर सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी और भारी संख्या में नवनियुक्त शिक्षक एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे।
