Home » सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने रांची में अमर शहीद सिदो-कान्हू को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
हूल दिवस: सीएम हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
रांची : ऐतिहासिक ‘हूल दिवस’ के गरिमामयी अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने रांची के मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर हूल विद्रोह के अमर महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने शहीदों की वीरता को नमन करते हुए उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
“हूल क्रांति हमारे जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासियों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। अमर शहीद सिदो-कान्हू का संघर्ष हमें हमेशा राज्य के हक और अस्मिता के लिए लड़ने की प्रेरणा देता रहेगा।”
— मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO)
प्रमुख बिंदु (Highlights of the Event)
स्थान: सिदो-कान्हू उद्यान, मोरहाबादी, रांची।
मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन।
अवसर: हूल दिवस (Santhal Hul Rebellion Anniversary)।
श्रद्धांजलि: अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण और नमन।
क्यों खास है हूल दिवस?
30 जून 1855 को सिदो, कान्हू, चांद, भैरव और फूलो-झानो के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत और दमनकारी ज़मींदारों के खिलाफ ‘सेंगाल हूल’ (महाविद्रोह) का बिगुल फूंका गया था। यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम की पहली ऐसी जनक्रांति थी जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी। आज के दिन पूरा झारखंड इन महानायकों की शहादत को याद कर अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस करता है।
मुख्य तस्वीर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन द्वारा माल्यार्पण करते हुए.

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