Home » SIR प्रक्रिया पर BJP का हेमंत सरकार पर बड़ा हमला, लगाया तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति का आरोप
SIR के मुद्दे पर भाजपा का झारखंड सरकार पर बड़ा हमला, लगाया तुष्टिकरण का आरोप
रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तुष्टिकरण और बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए साहू ने कहा कि राज्य सरकार SIR प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए हर संभव हथकंडे अपना रही है।
‘झामुमो-कांग्रेस के पोलिंग एजेंट बने प्रशासनिक अधिकारी’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों, बीडीओ (BDO) और सीडीपीओ (CDPO) को सरकारी सेवक के बजाय सत्ताधारी झामुमो-कांग्रेस का पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन अपने वोट बैंक को बचाने के लिए मतदाता सूची में अवैध रूप से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम जुड़वाने का प्रयास कर रहा है।
संथाल परगना की मतदाता सूची में भारी विसंगतियां
आदित्य साहू ने संथाल परगना प्रमंडल (साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़) की मतदाता सूची में उम्र और सदस्यों की संख्या से जुड़ी कई गड़बड़ियों को उजागर किया:
पाकुड़ (बरहरवा): आहुत गांव में फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) जमा कर अवैध रूप से वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की कोशिश में 4 अपात्र व्यक्तियों और एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालक पर एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
राजमहल (बूथ सं. 343): गृह संख्या-01 में 2019 की मतदाता सूची में 4 मतदाता थे, जो 2024 में बढ़कर 39 हो गए। इसमें पिता (सैयद अली) की आयु 69 वर्ष दर्ज है, जबकि पुत्र (गफूर शेख) की आयु 67 वर्ष दर्शाई गई है।
अजीबोगरीब आयु अंतर: साहिबगंज जिले में ऐसे भी मामले सामने आए हैं जहां 15 वर्ष के मतदाता को पिता और 30 वर्ष की आयु में दादा दिखाया गया है। वहीं, कुछ मामलों में पिता और पुत्र की उम्र में महज 2-3 वर्ष का अंतर है।
बोरियो (लालमाटी गांव): मंडरो प्रखंड के लालमाटी गांव में एक भी मुस्लिम परिवार का घर नहीं है, लेकिन मतदाता सूची में दर्जनों मुस्लिम मतदाताओं के नाम शामिल हैं।
अदालत जाने की दी चेतावनी
आदित्य साहू ने कहा कि यह मामला केवल मतदाता सूची का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता से जुड़ा है। यदि सरकार ने इन गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई और अधिकारियों का रवैया नहीं बदला, तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर न्यायालय (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे निष्पक्ष होकर काम करें, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
प्रज्ञा केंद्रों के जरिए फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप
प्रेसवार्ता में मौजूद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की छूट देने के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रज्ञा केंद्रों की मदद से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
इस प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सिंह भी उपस्थित रहे।