Home » तारापीठ अग्निकांड: होटल में तड़के लगी भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल; सावन के अंतिम सोमवार पर मातम
तारापीठ में दर्दनाक हादसा: होटल में तड़के लगी भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत, 11 से ज्यादा झुलसे; मची अफरा-तफरी
बीरभूम (पश्चिम बंगाल): सावन के अंतिम सोमवार पर प्रसिद्ध सिद्धपीठ तारापीठ पहुंचे तीर्थयात्रियों के लिए सुबह की शुरुआत एक खौफनाक त्रासदी के साथ हुई। तारापीठ थाने के ठीक पास स्थित चार मंजिला ‘होटल विदेशीनी’ में सोमवार तड़के करीब 4:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 7 श्रद्धालुओं की जलने और दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 11 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
🚨 कैसे घटा हादसा: गहरी नींद में थे लोग
सावन का अंतिम सोमवार होने के कारण पूरा तारापीठ शहर और होटल श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार:
शॉर्ट सर्किट से शुरुआत: प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, आग होटल के ग्राउंड फ्लोर स्थित रिसेप्शन काउंटर में एसी के स्विच बोर्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
जहरीला धुआं और अफरा-तफरी: रिसेप्शन में लगे फाइबर, फॉल्स सीलिंग और डेकोरेशन के सामान ने तुरंत आग पकड़ ली। कुछ ही मिनटों में जहरीला और घना धुआं चौथी मंजिल तक फैल गया।
पेड़ और खिड़कियों के सहारे बचाई जान: गहरी नींद में सो रहे श्रद्धालु धुएं के कारण दिशाहीन हो गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए। कुछ लोगों ने होटल से सटे पेड़ और खिड़कियों के सहारे नीचे कूदकर अपनी जान बचाई।
🚑 राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से कमरों के दरवाजे तोड़कर श्रद्धालुओं को बाहर निकाला गया।
अस्पताल में भर्ती: सभी घायलों को तुरंत पास के रामपुरहाट गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ पीड़ितों की हालत नाजुक बनी हुई है।
⚠️ सुरक्षा इंतजामों पर खड़े हुए सवाल
इस भीषण हादसे ने होटल में सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि होटल में फायर अलार्म और आग बुझाने के पर्याप्त आपातकालीन उपकरण (Fire Safety Infrastructure) मौजूद नहीं थे। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने के सटीक कारणों और लापरवाही की जांच कर रहा है।