Home » UAE से भारत लाया गया ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया: NCB के ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ को मिली बड़ी कामयाबी
🛑 UAE से भारत घसीट लाया गया ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया: NCB के ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ की ऐतिहासिक कामयाबी
“ड्रग तस्कर चाहे दुनिया के किसी भी कोने में छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। मोदी सरकार ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ और ‘Ruthless Approach’ के साथ नशीले पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर रही है।”
— अमित शाह, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
⚡ मुख्य बिंदु (Quick Highlights)
नई दिल्ली :भगोड़े की वापसी: दिल्ली के सरोजिनी नगर निवासी अंतर्राष्ट्रीय ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया (उर्फ़ वीरू) को UAE से डिपोर्ट/प्रत्यर्पित कर नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
बड़ी बरामदगी: यह नेटवर्क भारत में 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन (Mephedrone) और 1,300 किलोग्राम से अधिक कोकीन व हाइड्रोपोनिक वीड की तस्करी से जुड़ा है।
विशेष अभियान: वापसी की यह कार्रवाई NCB के ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ (Operation GLOBAL-HUNT) और इंटरपोल रेड नोटिस के तहत की गई।
🌐 ऑपरेशन ‘ग्लोबल-हंट’ और UAE में गिरफ्तारी
नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी जंग में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। NCB द्वारा जारी इंटरपोल रेड नोटिस (INTERPOL Red Notice) के आधार पर बसोया को जून 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किया गया था।
भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और UAE अधिकारियों के बीच निरंतर तालमेल के परिणामस्वरूप उसे नई दिल्ली लाया गया, जहाँ IGI एयरपोर्ट पहुँचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
🔍 पुणे से दिल्ली तक फैला सिंडिकेट: 1,837 किलो मेफेड्रोन का खेल
इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत फरवरी 2024 में पुणे सिटी पुलिस द्वारा 500 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त करने से हुई थी। इसके बाद एजेंसियों ने ‘Top to Bottom’ और ‘Bottom to Top’ रणनीति अपनाते हुए जांच को आगे बढ़ाया:
पुणे और दिल्ली में रेड: पुणे से लगभग 867 किग्रा और दिल्ली से 970 किग्रा मेफेड्रोन बरामद हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय कनेक्शन: दिल्ली से बरामद 970 किग्रा की खेप बसोया के कूरियर चैनलों के ज़रिए विदेशों में एक्सपोर्ट की जानी थी।
मास्टरमाइंड की भूमिका: बसोया भारत में बनने वाले नशीले पदार्थों को विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जोड़ने वाली सबसे अहम कड़ी था।
🚨 1,300 किलो कोकीन केस में भी आया नाम
बसोया का नाम सिर्फ मेफेड्रोन तक ही सीमित नहीं था। अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक विशाल कोकीन सिंडिकेट में भी बसोया का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था।
कार्रवाई का दायरा: दिल्ली, हापुड़, गाज़ियाबाद के गोदामों और गुजरात के अंकलेश्वर की एक मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री पर छापेमारी।
कुल जब्ती: 1,300 किलोग्राम से अधिक कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड।
बसोया का रोल: विदेशों में बैठकर भारत में ड्रग्स की खरीद, लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन का पूरा प्रबंधन संभालना।
🎯 क्या है ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’?
NCB का ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ विदेशों में शरण लेकर भारत में ड्रग नेटवर्क चलाने वाले भगोड़ों को दबोचने के लिए शुरू किया गया एक विशेष अभियान है।
पूर्व की सफलताएं: इससे पहले तुर्की से मोहम्मद सलीम डोला और मलेशिया से नवीन चिचकर जैसे खूंखार तस्करों को भी इसी ऑपरेशन के तहत भारत लाया जा चुका है।
ड्रग कंट्रोल विज़न (2026–2029): यह कदम गृह मंत्रालय के रोडमैप का हिस्सा है, जिसके तहत विदेशी धरती से सक्रिय भारतीय तस्करों को कानूनी शिकंजे में लाया जा रहा है।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में NCB का यह कदम यह साफ़ संदेश देता है कि भारत अब ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ न तो ढिलाई बरतेगा और न ही सीमा पार छिपे अपराधियों को बख्शेगा।