Home » जमशेदपुर GST ITC स्कैम: ED की बड़ी कार्रवाई, बबलू जायसवाल व बेटा गिरफ्तार
जमशेदपुर GST ITC स्कैम: ED की बड़ी कार्रवाई, स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल बेटे समेत गिरफ्तार !
जमशेदपुर / रांची: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में लगभग ₹750 करोड़ से अधिक के बहुचर्चित वस्तु एवं सेवा कर (GST) इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने शहर के जाने-माने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
अधिकारियों द्वारा दोनों की मेडिकल जांच कराने के बाद उन्हें विशेष ईडी अदालत में पेश करने के लिए रांची ले जाया गया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल के व्यापारिक व राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
750 करोड़ के फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला फर्जी शेल (कागजी) कंपनियों के जरिए बिना माल (लौह स्क्रैप) की वास्तविक सप्लाई किए करोड़ों रुपये के फर्जी इनवॉइस और चालान जारी करने से जुड़ा हुआ है। इन फर्जी चालानों के दम पर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाकर अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ उठाया जा रहा था।
ईडी की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है। आरोप है कि फर्जीवाड़े से अर्जित अवैध कमाई को रियल एस्टेट, बेनामी संपत्तियों और अन्य व्यावसायिक लेन-देन में खपाया गया था।
जमशेदपुर से कोलकाता तक ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी
गिरफ्तारी से पूर्व, ईडी की कई टीमों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच ज्ञानचंद जायसवाल और उनके सहयोगियों के आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की:
बिष्टुपुर स्थित आवास एवं कार्यालय: सर्किट हाउस क्षेत्र और बीएस टावर स्थित ठिकानों पर सघन जांच की गई।
औद्योगिक इकाइयां: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र (मां शारदा एंडेवर्स) और गम्हरिया स्थित स्क्रैप प्लांट में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
ऑडिटर व सहयोगियों पर शिकंजा: कारोबारी के वित्तीय खातों का प्रबंधन करने वाले ऑडिटर संजय पारेख के ठिकानों पर भी दबिश दी गई।
कोलकाता कनेक्शन: मामले के तार पश्चिम बंगाल से जुड़े होने के कारण कोलकाता स्थित ठिकानों पर भी ईडी की टीमें तैनात रहीं।
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क, बैंक खातों के विवरण, बही-खाते और कई संदिग्ध कागजात जब्त किए गए हैं।
पहले DGGI ने किया था गिरफ्तार, अब ED ने खोजी ‘मनी ट्रेल’
उल्लेखनीय है कि ज्ञानचंद जायसवाल पहले भी जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) द्वारा करीब 55.66 करोड़ रुपये के शुरुआती फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाद में जमानत मिलने पर ईडी ने मामले का संज्ञान लिया और इस पूरे सिंडिकेट के वित्तीय तारों की जांच शुरू की, जिससे 750 करोड़ रुपये से अधिक के विशाल फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
फिलहाल, ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि इस टैक्स चोरी सिंडिकेट में शामिल अन्य बड़े कारोबारियों और सहयोगियों तक पहुँचा जा सके।