चेन्नई ELC सम्मेलन: ‘करके सीखो’ मॉडल से छात्रों ने समझे चुनाव के सभी चरण, बने जिम्मेदार नागरिक !
चेन्नई: युवाओं को लोकतंत्र का जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में चेन्नई में आयोजित Electoral Literacy Club (ELC) सम्मेलन एक मील का पत्थर साबित हुआ। “Learning by Doing” (करके सीखना) की अवधारणा पर आधारित इस कार्यक्रम में स्कूली और कॉलेज के छात्रों ने केवल किताबी ज्ञान ही नहीं हासिल किया, बल्कि चुनावी प्रक्रिया के हर एक चरण का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना और चुनावी प्रणाली में उनके विश्वास को मजबूत करना था।

प्रायोगिक प्रदर्शन के 3 मुख्य चरण
सत्र के दौरान छात्रों को तीन प्रमुख चरणों का जीवंत (Live Demo) प्रदर्शन दिखाया गया और उनसे खुद भी अभ्यास करवाया गया:
मतदाता पंजीकरण (Voter Registration):
छात्रों को फार्म भरने, आवश्यक दस्तावेजों को सत्यापित करने और ऑनलाइन/ऑफलाइन माध्यम से मतदाता सूची (Voter List) में नाम जोड़ने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई।
मतदान प्रक्रिया (Polling & Mock Voting):
सम्मेलन स्थल पर एक मॉक पोलिंग स्टेशन तैयार किया गया था। यहाँ छात्रों ने पोलिंग अधिकारियों, एजेंटों और मतदाताओं की भूमिका निभाई। EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और VVPAT की कार्यप्रणाली को छात्रों ने खुद संचालित करके देखा।
मतगणना (Counting Phase):
वोट डालने के बाद वोटों की गिनती और सील बंद मशीनों के प्रबंधन का पारदर्शी प्रदर्शन किया गया। इससे छात्रों के मन में मतगणना की निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों का समाधान हुआ।
जागरूक नागरिक बनने की दिशा में पहला कदम
कार्यक्रम के संयोजकों ने बताया कि जब छात्र स्वयं इन प्रक्रियाओं से गुजरते हैं, तो उनका लोकतंत्र प्रणाली पर विश्वास कई गुना बढ़ जाता है। आगामी चुनावों में पहली बार वोट देने वाले (First-time voters) युवा अब बिना किसी झिझक के चुनाव प्रक्रिया में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकेंगे।
चेन्नई ELC सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव को जोड़ा जाता है, तो वह केवल जानकारी नहीं देती बल्कि सशक्त नागरिक तैयार करती है।














