Home » जेपी गंगा पथ पर लगेंगे 1 लाख पौधे, CM सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश
पटना का कायाकल्प: जेपी गंगा पथ पर लगेंगे 1 लाख पौधे, कुर्जी से काली घाट तक बनेगा ‘समग्र उद्यान’ — CM सम्राट चौधरी
पटना: राजधानी पटना की लाइफलाइन बन चुके जे०पी० गंगा पथ को अब मुंबई के मरीन ड्राइव से भी सुंदर और हरा-भरा बनाने की तैयारी है। शनिवार, 13 जून 2026 को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में जल संसाधन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण के लक्ष्य को युद्धस्तर पर तेजी से पूरा किया जाए। इसे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि पर्यटन और संस्कृति के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है।
🌳 कुर्जी घाट से काली घाट तक बनेगा भव्य ‘समग्र उद्यान’ (Mega Park)
गंगा नदी के तटों को नागरिकों और देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा विजन पेश किया:
समेकित विकास योजना: कुर्जी घाट से लेकर काली घाट तक के पूरे गंगा तट क्षेत्र के लिए एक विस्तृत समेकित विकास योजना (समग्र उद्यान) तैयार की जाएगी।
आधुनिक जनसुविधाएं: इस पूरे बेल्ट में विश्वस्तरीय पर्यटकीय सुविधाएं, सार्वजनिक अवसंरचना (Infrastructure), बड़े ग्रीन ज़ोन और नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
🏛️ पाटलिपुत्र के प्राचीन गौरव को पुनर्स्थापित करेगी बिहार सरकार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) की ऐतिहासिक पहचान और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर राज्य की अमूल्य संपदा है।
विशेष कार्ययोजना: पाटलिपुत्र की प्राचीन गौरवगाथा को नई पीढ़ी और विदेशी पर्यटकों के सामने प्रभावी ढंग से रखने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर एक विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
वैश्विक ब्रांडिंग: बिहार के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों की सही और विस्तृत जानकारी का देश-दुनिया में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि पर्यटकों की संख्या बढ़ सके।
🏢 सरकारी गेस्ट हाउसों के लिए आएगा PPP और DBOM मॉडल
सिंचाई विभाग की सरकारी संपत्तियों और निरीक्षण भवनों (Inspection Bungalows) के बेहतर इस्तेमाल को लेकर मुख्यमंत्री ने नीतिगत बदलाव के संकेत दिए:
आधुनिक अतिथि गृह: सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों के संचालन और रख-रखाव के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) और DBOM (Design, Build, Operate and Maintain) मॉडल की संभावनाओं को टटोला जाएगा।
इन ऐतिहासिक और सरकारी भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘अतिथि गृहों’ (VIP Guest Houses) में बदला जाएगा ताकि विभागीय परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग हो सके।
📊 मुख्य बिंदु: बैठक के 4 बड़े फैसले
ग्रीन पटना अभियान: जेपी गंगा पथ पर 1 लाख पौधे लगाने का काम समय-सीमा के भीतर होगा।
गंगा फ्रंट री-डेवलपमेंट: कुर्जी से काली घाट तक समेकित उद्यान और वॉक-वे का निर्माण।
PPP मॉडल एंट्री: सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवनों का आधुनिकीकरण निजी भागीदारी से होगा।
समयबद्ध कार्रवाई: मुख्यमंत्री का अधिकारियों को सख्त निर्देश— “सभी फाइलों और प्रस्तावों पर बिना देरी के तेजी से कार्य पूर्ण करें।”
👥 बैठक में मौजूद रहे बिहार के ये आला अफसर
इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह ने प्रजेंटेशन के जरिए संपत्तियों के रोडमैप की जानकारी दी। मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव द्वय श्री लोकेश कुमार सिंह एवं श्री संजय कुमार सिंह, बुडको (BUIDCO) के एमडी श्री अनिमेश पराशर, पटना के नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा और बिहार राज्य पथ विकास निगम के एमडी श्री शीर्षत कपिल अशोक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।