🚜 बिहार में चीनी उद्योग का महा-कायाकल्प: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, 9 बंद मिलें होंगी चालू; लगेंगे 25 नए कारखाने
पटना: बिहार को देश का प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्य बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लिया है। सोमवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में गन्ना उद्योग विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026 की समीक्षा की और राज्य के चीनी उद्योग के पुनरुद्धार के लिए अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बिहार सरकार किसानों की समृद्धि, औद्योगिक विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
🏛️ 9 बंद चीनी मिलों का पुनर्जीवन और 25 नई मिलों की स्थापना का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में चीनी मिलों का जाल बिछाने और बंद पड़ी औद्योगिक संपत्तियों को दोबारा चालू करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए:
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इन बंद मिलों की बदलेगी सूरत: रैयाम, सकरी, सासामुसा, मढ़ौरा, मोतीपुर, समस्तीपुर, चकिया, चनपटिया और मोतिहारी जैसी ऐतिहासिक रूप से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
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25 नए कारखाने: विभाग ने मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की विस्तृत कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण दिया, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी निवेश आने की उम्मीद है।
🎯 “देश का प्रमुख गन्ना हब बनेगा चंपारण” — मुख्यमंत्री
चंपारण क्षेत्र के गौरवशाली अतीत और भौगोलिक अनुकूलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसके लिए विशेष रणनीति बनाने को कहा:
”चंपारण क्षेत्र को देश के सबसे प्रमुख गन्ना उत्पादन क्षेत्रों में विकसित करने के लिए विभाग एक स्पेशल एक्शन प्लान बनाकर काम करे। गन्ना उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीकों के जरिए उत्पादकता (Yield) में सुधार लाने और गन्ना किसानों को उनकी फसल के लिए देश का सबसे बेहतर बाजार और समय पर भुगतान उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।”
💼 ‘बिहार गन्ना उद्योग प्रोत्साहन नीति-2026’ से खींचा जाएगा भारी निवेश
बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए चीनी मिलों की अद्यतन स्थिति और नई नीति के फायदों के बारे में बताया।
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उद्योगों का आधुनिकीकरण: सीएम ने निर्देश दिया कि नई नीति के तहत निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायतें और पारदर्शी माहौल दिया जाए। चीनी मिलों में आधुनिक एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol) और को-जनरेशन (Co-generation) जैसी आधुनिक तकनीकों को जोड़ा जाए।
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समन्वित कार्ययोजना: किसानों की आय दोगुनी करने, गन्ने की नई प्रजातियों को बढ़ावा देने और चीनी उद्योग को वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए कृषि और उद्योग विभाग मिलकर काम करेंगे।
👥 बैठक में मौजूद रहे राज्य के शीर्ष नीति निर्धारक
इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में सरकार और प्रशासन के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे, जो इस योजना के त्वरित क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे:
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गन्ना उद्योग मंत्री: श्री संजय कुमार
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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव: श्री दीपक कुमार
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मुख्य सचिव (Chief Secretary): श्री प्रत्यय अमृत
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विकास आयुक्त: श्री मिहिर कुमार सिंह
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मुख्यमंत्री के सचिवगण: श्री लोकेश कुमार सिंह एवं श्री संजय कुमार सिंह
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विभागीय सचिव: श्री अजय यादव (ऊर्जा), श्री कुंदन कुमार (उद्योग) एवं श्री धर्मेन्द्र सिंह (गन्ना उद्योग)।




















