🏭 बिहार में औद्योगिक क्रांति: हाजीपुर में लगेगी ₹17.25 करोड़ की आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट; Moogy Foods बनाएगी ‘कुरकुरे और पफ्स’
पटना: बिहार को पूर्वी भारत का सबसे बड़ा फूड प्रोसेसिंग हब (Food Processing Hub) बनाने की दिशा में नीतीश सरकार ने एक और बड़ा औद्योगिक कदम उठाया है। उद्योग विभाग के अंतर्गत बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने वैशाली जिले के औद्योगिक क्षेत्र (IA) गोरौल फेज-1, हाजीपुर में एक अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण इकाई (Food Processing Unit) की स्थापना को हरी झंडी दे दी है।
Moogy Foods Private Limited द्वारा स्थापित की जाने वाली इस हाई-टेक परियोजना में लगभग ₹17.25 करोड़ का भारी निवेश किया जाएगा, जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
📊 एक नज़र में समझें प्रोजेक्ट का पूरा प्रोफाइल (Project Metrics)
मुख्य विवरण |
परियोजना के प्रमुख आंकड़े |
|---|---|
निवेशक कंपनी |
Moogy Foods Private Limited |
कुल प्रस्तावित निवेश |
₹17.25 करोड़ |
आवंटित भूमि क्षेत्र |
2 एकड़ (औद्योगिक क्षेत्र गोरौल फेज-1, हाजीपुर) |
उत्पादित होने वाले प्रोडक्ट्स |
कुरकुरे, पफ्स एवं अन्य रेडी-टू-ईट (Ready-to-Eat) स्नैक्स |
सृजित होने वाले कुल रोजगार |
200+ (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार) |
📈 बियाडा की PCC बैठक में मिली जमीन आवंटन को मंजूरी
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक (बियाडा एवं आएडा) श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में ‘परियोजना समाशोधन समिति’ (PCC) की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई।
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प्लग एंड प्ले शेड्स: बैठक में राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेशकों को पारदर्शी तरीके से भूमि और रेडी-टू-यूज ‘प्लग एंड प्ले’ शेड्स आवंटित करने के कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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लोकल रिसोर्स को बढ़ावा: इसी के तहत हाजीपुर में 2 एकड़ का भूखंड Moogy Foods को दिया गया, ताकि स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन (Value Addition) किया जा सके।
🎙️ “बिहार को बनाएंगे खाद्य प्रसंस्करण का देश में अग्रणी केंद्र” — सुश्री श्रेयसी सिंह
बिहार की माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने इस निवेश का स्वागत करते हुए राज्य की प्रतिबद्धता दोहराई:
”हमारी सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र (Food Processing Sector) को बिहार के औद्योगिक विकास का मुख्य आधार बनाने के लिए चौतरफा काम कर रही है। हाजीपुर की यह नई इकाई स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और युवाओं के कौशल विकास में मील का पत्थर साबित होगी। बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए हम देश-विदेश के निवेशकों को ‘रेड कारपेट’ और हर संभव प्रशासनिक सहयोग दे रहे हैं।”
💼 निवेशकों के लिए ‘सिंगल विंडो’ और पारदर्शी नीतियाँ
उद्योग सचिव श्री कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार अब उद्योगों के लिए अपनी बेहतरीन आधारभूत संरचना (Infrastructure) और निवेशक-अनुकूल नीतियों के कारण पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार की पारदर्शी प्रक्रियाओं के कारण ही आज खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण (Manufacturing) के क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश जमीन पर उतर रहा है।




















