Home » अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आदित्य साहू का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा- ‘काल्पनिक बताने वाले न बहाएं घड़ियाली आंसू’
‘राम को काल्पनिक बताने वाली कांग्रेस को सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं’: सांसद आदित्य साहू !
📌 तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी कांग्रेस आज राम मंदिर पर बहा रही घड़ियाली आंसू, यूपी सरकार कर रही त्वरित कार्रवाई: बीजेपी !
रांची / अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा मामले में कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद तीखा पलटवार किया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति में आकंठ डूबी कांग्रेस पार्टी आज राम मंदिर मामले पर केवल ‘घड़ियाली आंसू’ बहा रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल पूछने वाले कांग्रेसी नेताओं को इसके अस्तित्व पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
“यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान कोर्ट में हलफनामा (Affidavit) देकर कहा था कि भगवान राम एक काल्पनिक पात्र हैं, उनका कोई वास्तविक जन्मस्थान नहीं है।”
— आदित्य साहू, सांसद व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष
🚨 आदित्य साहू के कांग्रेस पर 5 बड़े प्रहार:
कारसेवकों पर गोलीबारी का समर्थन: साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में कारसेवकों पर गोली चलाने और उनकी हत्या किए जाने की घटनाओं का मौन समर्थन किया था।
प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार: जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामलला का भव्य मंदिर बना, तब भी कांग्रेस खुश नहीं हुई। सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेताओं ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आमंत्रण तक स्वीकार नहीं किया।
सोमनाथ मंदिर का इतिहास याद दिलाया: उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति का विरोध कांग्रेस के डीएनए में है। सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के समय भी तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद पर वहां न जाने का भारी दबाव बनाया था।
चढ़ावा मामले पर यूपी सरकार की सख्त कार्रवाई: चढ़ावा मामले में आई अनियमितताओं पर साहू ने साफ किया कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार तेजी से जांच कर रही है। जो भी दोषी चिन्हित हो रहे हैं, उन पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वोट बैंक की चिंता करे कांग्रेस: बीजेपी सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को राम मंदिर की चिंता छोड़ अपने सिमटते वोट बैंक की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि तुष्टीकरण और परिवारवाद ही इस पार्टी की आत्मा है।