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राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा भ्रष्टाचारियों को बचाने में लगी है: राकेश सिन्हा !
रांची :झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आदित्य साहू के बयान को “तथ्यों से भागने और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की हताश कोशिश” करार दिया है।
📌 ‘चढ़ावे की पवित्रता या दोषियों को संरक्षण?’ – कांग्रेस का सीधा सवाल
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा को अब यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि वह भगवान श्रीराम के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे की पवित्रता बचाना चाहती है या चढ़ावे में गड़बड़ी करने वालों को राजनीतिक संरक्षण देना चाहती है।
“कांग्रेस ने केवल इतना कहा है कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़े धन का पूरा हिसाब जनता के सामने आए और दोषियों को कठोर सजा मिले। यदि भाजपा को इससे तकलीफ हो रही है, तो उसकी मंशा पर गंभीर सवाल उठते हैं।” – राकेश सिन्हा, मीडिया प्रभारी, झारखंड कांग्रेस
⚠️ ‘अगर सब कुछ साफ़ था, तो UP सरकार जांच क्यों करा रही है?’
सिन्हा ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा हर बार भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देने के बजाय कांग्रेस और इतिहास की आड़ लेती है। उन्होंने एक बड़ा सवाल दागते हुए कहा:
यदि सब कुछ साफ़ था, तो उत्तर प्रदेश सरकार को जांच क्यों करानी पड़ी?
कार्रवाई क्यों हो रही है?
भाजपा पहले इन बुनियादी सवालों का जवाब दे।
🚫 ‘श्रीराम पूरे देश की आस्था हैं, किसी दल की जागीर नहीं’
कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि भगवान श्रीराम मर्यादा, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। उनके नाम पर राजनीति करने वाले लोग आज उन्हीं के मंदिर से जुड़े आरोपों पर सवाल पूछने वालों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। यह रामभक्ति नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की राजनीति है।
उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि भगवान श्रीराम पर केवल उसी का अधिकार है। श्रीराम पूरे देश की आस्था हैं, किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं। राम मंदिर में चढ़ाया गया प्रत्येक रुपया श्रद्धालुओं की अमानत है और उसकी एक-एक पाई का हिसाब देना मंदिर प्रशासन और सरकार की जिम्मेदारी है।
⚡ भाजपा को कांग्रेस की खुली चुनौती
सिन्हा ने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस को देशभक्ति या पारदर्शिता का प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं है। जनता अच्छी तरह जानती है कि भाजपा जब भी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई और जनहित के मुद्दों पर घिरती है, तब धर्म की आड़ लेकर असली सवालों से भागने लगती है।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
चढ़ावा प्रकरण की जांच उच्च स्तर पर पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाए।
जांच की पूरी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
दोषियों को राजनीतिक संरक्षण देने के बजाय उन्हें कठोर दंड दिलाया जाए।
अंत में उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस रामभक्तों की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी और इस मुद्दे पर जनता की आवाज़ बुलंद करती रहेगी।