Home » भरत तिवारी एनकाउंटर पर भड़के अश्विनी चौबे, रांची में बोले— ‘यह सरेंडर के बाद की गई सुनियोजित हत्या है, चले मर्डर का केस’
रांची: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे राजधानी रांची स्थित ओल्ड सर्किट हाउस में पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने झारखंड और बिहार के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जहां एक तरफ झारखंड के विकास को अवरुद्ध बताया, वहीं बिहार के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बड़ी मांग की।
‘झारखंड का विकास पूरी तरह ठप, कांग्रेस संविधान की हत्यारी’
झारखंड के संदर्भ में बात करते हुए अश्विनी कुमार चौबे ने मौजूदा राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
“वर्तमान समय में झारखंड का विकास पूरी तरह से अवरुद्ध है। राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए सभी को साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में यह संभव नहीं दिख रहा।”
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘संविधान का हत्यारा’ करार दिया।
11 अक्टूबर को पटना गांधी मैदान चलो: जेपी जयंती पर बड़ा आह्वान
अश्विनी चौबे ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण (JP) की जन्म जयंती के अवसर पर होने वाले बड़े कार्यक्रम की घोषणा झारखंड की धरती से की। उन्होंने बताया कि आने वाले 11 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जेपी जयंती भव्य रूप से मनाई जाएगी। उन्होंने झारखंड के लोगों से भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
भरत तिवारी एनकाउंटर पर बड़ा बयान: ‘यह आत्मसमर्पण के बाद की गई हत्या है’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अश्विनी चौबे बिहार के भोजपुर में हुए चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले पर बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों के न्याय की मांग का मामला है।
मुख्य बिंदुअश्विनी कुमार चौबे का दावा/आरोप
भरत तिवारी की छविवह बाढ़ प्रभावित और गरीब परिवारों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले जागरूक युवा थे।
पुलिसिया कार्रवाईभरत तिवारी ने बकायदा आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उनकी हत्या कर दी।
BJP नेता की मांगयह एक सुनियोजित साजिश है। दोषी पुलिसकर्मियों और इस कथित षड्यंत्र में शामिल सभी लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (Section 302) चलना चाहिए।
अश्विनी चौबे के इस बयान के बाद बिहार और झारखंड दोनों राज्यों की सियासत गरमा गई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि गरीबों के हक की आवाज उठाने वाले किसी भी युवा के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहार पुलिस की इस कार्रवाई और भाजपा नेता के कड़े रुख से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप Bharat Tiwari Encounter Case Video देख सकते हैं, जिसमें अश्विनी कुमार चौबे ने इस एनकाउंटर पर उठाए गए सवालों को विस्तार से साझा किया है।