Home » छात्रों के भविष्य पर राजनीति न करे JMM, अपने राज्य की फिक्र करे: गणेश मिश्रा
छात्रों के भविष्य पर राजनीति न करे JMM, अपने राज्य की फिक्र करे: गणेश मिश्रा
भाजपा प्रदेश महामंत्री का JMM पर पलटवार: बोले— मोदी सरकार में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, गड़बड़ी सामने आते ही एजेंसियां हुईं सक्रिय; विपक्ष बंद करे बयानबाजी।
📝 “छात्रों के भविष्य पर राजनीति न करे JMM, पहले अपनी JPSC और JSSC की धांधली संभाले”: गणेश मिश्रा
राँची: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झारखंड प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने नीट (NEET) मामले को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विशुद्ध रूप से ‘राजनीतिक स्टंट’ करार दिया है।
गणेश मिश्रा ने कड़े शब्दों में कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में राजनीति कतई नहीं होनी चाहिए। विपक्षी दलों के ऐसे भ्रामक बयानों से तैयारी करने वाले छात्रों पर अनावश्यक मानसिक दबाव बनता है और वे गुमराह होते हैं। अगर जेएमएम वास्तव में छात्रों की हितैषी है, तो उसे केवल राजनीति करने के बजाय सकारात्मक सुझाव देने चाहिए।
🔍 “केंद्र ने जांच एजेंसियां लगाईं, लेकिन हेमंत सरकार ने पेपर लीक पर क्या किया?”
प्रदेश महामंत्री ने केंद्र की मोदी सरकार और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की कार्यप्रणाली की तुलना करते हुए तीखे सवाल दागे:
केंद्र की त्वरित कार्रवाई: यह पूरा देश जानता है कि नरेंद्र मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। नीट परीक्षा में गड़बड़ी की भनक लगते ही केंद्र सरकार ने इसे छिपाने की कोशिश नहीं की, बल्कि तुरंत जांच एजेंसियों को मिशन पर लगाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।
झारखंड की बदहाली पर चुप्पी: मिश्रा ने पूछा कि जो जेएमएम आज झूठ की खेती कर रही है, वह अपनी सरकार के दौरान झारखंड में हुई परीक्षाओं की धांधली पर चुप क्यों है? राज्य में चाहे JPSC की परीक्षा हो या JSSC CGL की, यहाँ पेपर लीक और विवाद हमेशा साथ-साथ चलते रहे हैं। इस पर जेएमएम और उसके सहयोगी दलों (कांग्रेस-आरजेडी) की जुबान क्यों बंद है?
🏛️ “दूसरों को उपदेश देने से पहले राज्य की गड़बड़ियों को रोकें”
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नसीहत देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार में थोड़ी भी हिम्मत है, तो पहले झारखंड में हुए तमाम पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों को जेल भेजे, उसके बाद किसी और को उपदेश दे।
“बेहतर होगा कि झारखंड सरकार केंद्र की चिंता छोड़ अपने राज्य के युवाओं के भविष्य पर ध्यान दे। यहाँ हो रही परीक्षाओं में गड़बड़ियों की रोकथाम और स्थानीय परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई करने में अपनी ऊर्जा केंद्रित करे।”
— गणेश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री, भाजपा (झारखंड)
🚫 बेंगलुरु में कांग्रेस की रैली से छात्रों का नुकसान, JMM मौन क्यों?
गणेश मिश्रा ने विपक्षी गठबंधन के ‘दोहरे मापदंड’ को उजागर करते हुए एक और बड़ा मुद्दा उठाया:
प्रतिभागियों के साथ खिलवाड़: उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु में कांग्रेस की एक राजनीतिक रैली के कारण जाम और कुप्रबंधन हुआ, जिससे सैकड़ों छात्र अपनी पूर्व-निर्धारित परीक्षा देने से वंचित रह गए।
दिखावे का छात्र प्रेम: कांग्रेस चाहती तो अपनी रैली के दिन या समय में फेरबदल कर सकती थी, लेकिन उन्होंने छात्रों के हितों की परवाह नहीं की। जेएमएम को कांग्रेस की यह घोर लापरवाही नजर क्यों नहीं आती? विपक्षी दलों का छात्र प्रेम सिर्फ बयानों में है, धरातल पर नहीं।
उन्होंने अंत में दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना विपक्ष की संकीर्ण राजनीति का हिस्सा है। किसी भी मामले में जवाबदेही केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि जांच और वास्तविक तथ्यों के आधार पर तय होनी चाहिए। भाजपा देश और राज्य के छात्रों के हितों की रक्षा और पूरी तरह से पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy. I Agree