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झारखंड में अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कसेगा शिकंजा, जांच टीम की रहेगी सीक्रेसी
रांची: NHM अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की बैठक में फैसला; एक डॉक्टर अधिकतम 2 ही अल्ट्रासाउंड क्लीनिक में दे सकेंगे सेवा, उल्लंघन पर होगी सीधी कार्रवाई।
🩺 झारखंड में भ्रूण लिंग जांच करने वालों पर कसेगा शिकंजा: दो से अधिक क्लीनिक में सेवा देने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई
रांची: झारखंड में बेटियों को बचाने, लिंगानुपात (Sex Ratio) में सुधार लाने और अवैध रूप से भ्रूण का लिंग निर्धारण करने वाले केंद्रों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने महा-अभियान शुरू कर दिया है। नामकुम स्थित आरसीएच कॉन्फ्रेंस हॉल में पीसी एंड पीएनडीटी (PC & PNDT) अधिनियम के तहत दो अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय बैठकें संपन्न हुईं।
पहली बैठक पीसी एंड पीएनडीटी राज्य सलाहकार समिति की हुई, जिसकी अध्यक्षता NHM के अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने की। वहीं, दूसरी बैठक राज्य निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति की हुई, जिसकी अध्यक्षता निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने की। बैठक में साफ किया गया कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली आगामी राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक के लिए कड़े एजेंडे तय कर लिए गए हैं।
🚫 डॉक्टरों के लिए नया नियम: दो से ज्यादा अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सेवा दी तो खैर नहीं
बैठक में चिकित्सा क्षेत्र में जारी मनमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया गया है:
अधिकतम दो क्लीनिक की सीमा: अब राज्य का कोई भी एक चिकित्सक अधिकतम दो ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अपनी सेवा दे सकेगा।
फिल्टर हो रहा डेटा: स्वास्थ्य विभाग राज्य भर के ऐसे डॉक्टरों का डेटा खंगाल रहा है, जो नियमों को ताक पर रखकर दो से अधिक केंद्रों पर विजिटिंग डॉक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित कर उनका लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
🚨 ‘सुपर सीक्रेट’ तरीके से चलेगा विशेष जांच अभियान
अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी को लेकर अभियान निदेशक श्री शशि प्रकाश झा ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत रणनीति का खुलासा किया:
गोपनीय औचक निरीक्षण: राज्य में अवैध लिंग जांच के खिलाफ विशेष फ्लाइंग स्क्वाड टीमें बनाई गई हैं।
अंतिम समय तक छिपी रहेगी लोकेशन: छापेमारी की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह नियम लागू किया गया है कि जांच टीम को गाड़ी में बैठने और प्रस्थान करने के अंतिम क्षण तक यह नहीं बताया जाएगा कि उन्हें किस जिले या किस अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारना है। इससे संदिग्ध केंद्रों को सतर्क होने का मौका नहीं मिलेगा।
📊 झारखंड में पीसी एंड पीएनडीटी एक्शन रिपोर्ट (मार्च 2026 तक)
मुख्य बिंदु
अब तक की गई प्रशासनिक कार्रवाई
राज्य में कुल एक्टिव अल्ट्रासाउंड क्लीनिक
1,161
जिला सलाहकार समिति की बैठकें
108
अब तक किए गए सघन निरीक्षण (Raids)
718
सस्पेंड/निलंबित किए गए क्लीनिक लाइसेंस
30
सीज और सील किए गए केंद्र
01
अदालत में दर्ज कराए गए क्रिमिनल केस
01
💰 मुखबिर/डिकॉय योजना: अवैध लिंग जांच पकड़वाने पर मिलेगा ₹1 लाख का इनाम
राज्य सरकार ने अवैध लिंग जांच के रैकेट को ध्वस्त करने के लिए अपनी ‘डिकॉय योजना’ के तहत दी जाने वाली पुरस्कार राशि को बेहद प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया है:
कुल पुरस्कार राशि:₹1,00,000 (एक लाख रुपये)
मुखबिर (सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति) को: ₹40,000
डिकॉय (सहयोग करने वाली गर्भवती महिला) को: ₹40,000
सहयोगी/तीमारदार को: ₹20,000
📞 जनता से अपील: स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी भी अवैध लिंग जांच या भ्रूण हत्या के रैकेट की जानकारी मिलती है, तो वे सीधे राज्य के निशुल्क हेल्पलाइन नंबर 104 पर शिकायत दर्ज कराएं। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान शत-प्रतिशत गुप्त रखी जाएगी।
बैठक में पीसीपीएनडीटी के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, आईईसी के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. राहुल किशोर सिंह, पीसीपीएनडीटी की राज्य समन्वयक रफत फरजाना सहित विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी और चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित थे।
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