Home » चतरा में सेना के जवान की मौत पर आंदोलन: भाजयुमो कोषाध्यक्ष श्रीनिवास गिरफ्तार !
जब-जब युवा बोला है, राजसिंहासन डोला है”: चतरा में सेना के जवान की मौत पर आंदोलन कर रहे भाजयुमो नेता श्रीनिवास गिरफ्तार, आक्रोश
रांची/चतरा: झारखंड में जनता की आवाज़ बुलंद करने वाले युवाओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर प्रशासनिक हंटर चलने का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) झारखंड प्रदेश के कोषाध्यक्ष और चतरा जिले के हंटरगंज निवासी श्री श्रीनिवास जी को कांके पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर चतरा जेल भेज दिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई उस समय हुई जब वह स्थानीय जिला खनन पदाधिकारी (DMO) के खिलाफ और क्षेत्र की जनता के हक में एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।
🚨 क्या है पूरा मामला?
हजारीबाग के एनटीपीसी (NTPC) खनन क्षेत्र से निकलने वाले कोयले का भारी मात्रा में परिवहन चतरा के रास्ते किया जाता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन भारी और अनियंत्रित वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में इस रूट पर एक बेहद दुखद हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना के एक जांबाज जवान की असमय और दर्दनाक मृत्यु हो गई।
इस घटना से आक्रोशित होकर और जनता की सुरक्षा की मांग को लेकर भाजयुमो नेता श्रीनिवास ने मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने कोयला ले जा रहे भारी वाहनों को रोककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था और जिला खनन पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
📢 “हर जोर-जुल्म की टक्कर में, संघर्ष हमारा नारा है”
जनता की सुरक्षा और एक फौजी की शहादत के इंसाफ के लिए शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे नेता को जिस तरह से गिरफ्तार किया गया है, उसकी चौतरफा निंदा हो रही है। विपक्ष और स्थानीय जनता का साफ कहना है कि लोकतंत्र में जनता की जायज आवाज़ को दबाने का यह प्रयास पूरी तरह से तानाशाही पूर्ण और निंदनीय है।
🔥 सरकार होश में आए: जनता का फूटा गुस्सा
इस गिरफ्तारी के बाद सरकार और प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक एक ही गूंज है—” सरकार होश में आए और जनभावनाओं का सम्मान करे।”
भाजयुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि श्रीनिवास जी के इस संघर्ष में पूरी जनता उनके साथ मजबूती से खड़ी है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए, न कि आवाज़ उठाने वालों को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए।
श्रीनिवास जी, आप संघर्ष करते रहिए, अन्याय के खिलाफ इस लड़ाई में हम सभी आपके साथ हैं!