Home » टेरर फंडिंग पर ED की बड़ी कार्रवाई: रांची में 3.87 करोड़ की 11 संपत्तियां जब्त
रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल कार्यालय ने टेरर फंडिंग (आतंकी वित्तपोषण) के एक बड़े सिंडिकेट पर कड़ा प्रहार किया है। ईडी ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त (Attach) कर लिया है। जांच एजेंसी द्वारा यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

बड़ी बात: इस कार्रवाई के बाद झारखंड में टेरर फंडिंग और लेवी (उगाही) रैकेट से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
कौन-कौन है ED के रडार पर?
ईडी से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला एम/एस संतोष कंस्ट्रक्शन और उससे जुड़े कई रसूखदार व संदिग्ध लोगों से संबंधित है। जब्त की गई संपत्तियां इन आरोपियों से जुड़ी बताई जा रही हैं:
संतोष कुमार सिंह
मृत्युंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह
मनीष कुमार
बैजनाथ गंझू
राजेश कुमार गंझू
रविंद्र गंझू
क्या है पूरा मामला? (Case Background)
इस मामले की जड़ें झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाके से जुड़ी हैं। ईडी ने बताया कि इस मनी लॉन्ड्रिंग जांच की शुरुआत लातेहार जिला के चंदवा थाना में दर्ज दो अलग-अलग प्राथमिकियों (FIR) के आधार पर हुई थी।
मामले की गंभीरता और उग्रवादी संगठन (TPC/Maoist) से जुड़े टेरर फंडिंग के कनेक्शन को देखते हुए, बाद में इन मामलों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले लिया था। एनआईए की चार्जशीट और इनपुट्स के आधार पर ही ईडी ने वित्तीय कड़ियों को जोड़ा और PMLA के तहत इस करोड़ों की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
आगे क्या ?
सूत्रों के मुताबिक, जब्त की गई 11 संपत्तियों में जमीन और व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं, जिन्हें अवैध लेवी और टेरर फंडिंग की कमाई से खड़ा किया गया था। ईडी अब इस मामले में शामिल अन्य सफेदपोशों और उग्रवादियों के मददगारों की वित्तीय कुंडली खंगाल रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या संपत्तियों की जब्ती संभव है।