Home » दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर नेमरा में आदमकद प्रतिमा का अनावरण, सीएम हेमंत सोरेन ने 105.2 करोड़ की योजनाओं की दी सौगात
नेमरा में गूंजा दिशोम गुरु का नाम: सीएम हेमंत सोरेन ने शिबू सोरेन की प्रतिमा का किया अनावरण, रामगढ़ को मिली ₹105.2 करोड़ की सौगात
“आदरणीय गुरुजी ने अपने आंदोलन से न केवल झारखंड को एक अलग पहचान दी, बल्कि अलग राज्य के सपने को साकार किया। उनके विचार और संघर्ष आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।”
— हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
न्यूज हाइलाइट्स (Key Highlights):
प्रतिमा अनावरण: सोना सोबरन +2 उच्च विद्यालय (लुकैयाटांड़, नेमरा) परिसर में पद्म भूषण स्व. शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा का भव्य अनावरण।
विकास की सौगात: रामगढ़ क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ₹105.2 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन।
पारिवारिक श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधायक कल्पना सोरेन, माता रूपी सोरेन एवं समस्त परिजनों ने दी विनम्र श्रद्धांजलि।
एकजुटता का संदेश: समाज को बांटने वाली असमाजिक ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने और भाईचारा बनाए रखने की अपील।
प्रथम पुण्यतिथि पर भावुक हुए मुख्यमंत्री: “दर्द सिर्फ परिवार का नहीं, पूरे झारखंड का है”
रामगढ़/नेमरा: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और समाज सुधारक, पद्म भूषण से अलंकृत स्मृति शेष दिशोम गुरु स्व० शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी जन्मस्थली नेमरा (लुकैयाटांड़, रामगढ़) में एक भव्य एवं भावुक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “आज का दिन मेरे और मेरे परिवार के लिए अत्यंत भारी और भावुक है। पिछले वर्ष आज ही के दिन आदरणीय बाबा पंचतत्व में विलीन हुए थे। यह क्षति केवल हमारे परिवार की नहीं, बल्कि पूरे झारखंड, आदिवासी, दलित, शोषित और पिछड़े समाज की है।”
“असामाजिक ताकतों से लड़ने के लिए एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत”
अपने दादा अमर शहीद सोबरन मांझी के बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बच्चों को शिक्षित करने का काम किया था, लेकिन असमाजिक तत्वों ने उनकी हत्या कर दी।
नए रूप में असामाजिक तत्व: सीएम ने आगाह किया कि आज भी समाज को बांटने और गुमराह करने वाली ताकतें नए रूप में सक्रिय हैं।
एकमात्र समाधान: इसका स्थायी समाधान हमारी अटूट एकजुटता और आपसी सम्मान है। जब तक हम एकजुट रहेंगे, कोई भी ताकत हमें कमजोर नहीं कर सकती।
झारखंड वीरों की भूमि: विकास और विरासत को साथ ले जाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का कद पारंपरिक राजनीति और पदों से बहुत ऊपर था। उन्होंने अलग झारखंड राज्य का मार्ग प्रशस्त किया और अब इस राज्य को संवारने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी और सरकार की है।
“झारखंड धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, निर्मल महतो, विनोद बिहारी महतो और गुरुजी जैसे वीरों की भूमि है। हम वीरों के वंशज हैं और हमें आपसी मतभेद भूलकर अपने हक और अधिकारों की लड़ाई लड़नी है।”
कार्यक्रम में ये वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी रहे मौजूद
प्रथम पुण्यतिथि एवं विकास मेला-सह-पारितोषिक वितरण समारोह के इस ऐतिहासिक अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित थे:
राज्य के मंत्री: श्री राधा कृष्ण किशोर, श्री संजय प्रसाद यादव, श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, श्री योगेंद्र प्रसाद, श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की।
जनप्रतिनिधि: राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्री उमाकांत रजक, विधायक श्री कुमार जयमंगल सिंह, विधायक श्री अमित महतो, विधायक श्रीमती ममता देवी, पूर्व मंत्री श्रीमती बेबी देवी।
प्रशासनिक अधिकारी: मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित राज्य सरकार के वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारीगण।