Home » गिरिडीह उपचुनाव 2026: क्या मतदाता पुनरीक्षण के बीच टलेगा चुनाव ? सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से खाली हुई सीट पर सस्पेंस
गिरिडीह उपचुनाव 2026: क्या मतदाता पुनरीक्षण के बीच टलेगा चुनाव? जानें क्या बोले मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार !
रांची: झारखंड के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के असमय निधन के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके निधन से 32-गिरिडीह विधानसभा सीट खाली घोषित कर दी गई है। सीट रिक्त होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि गिरिडीह सीट पर उपचुनाव कब कराया जाएगा।
इसी बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SSR) कार्यक्रम को लेकर यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण उपचुनाव को आगे टाला जाएगा या फिर इसे आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ कराया जाएगा।
इस पूरे विषय पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है।
क्या मतदाता पुनरीक्षण के कारण टलेगा चुनाव?
निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, किसी भी विधानसभा सीट के रिक्त होने पर 6 महीने के भीतर वहां उपचुनाव कराना अनिवार्य होता है। हालांकि, राज्य में वर्तमान में मतदाता सूची का पुनरीक्षण (Electoral Roll Revision) कार्य प्रगति पर है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया:
“निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता हमेशा एक पारदर्शी और अद्यतन (Updated) मतदाता सूची के साथ चुनाव कराने की होती है। मतदाता पुनरीक्षण कार्य की समयसीमा और उपचुनाव के शेड्यूल को लेकर अंतिम फैसला भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।”
सूत्रों के मुताबिक, यदि पुनरीक्षण कार्य समय पर पूरा हो जाता है, तो आयोग बिना किसी देरी के चुनाव करा सकता है। लेकिन यदि आयोग को लगता है कि मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में अधिक समय लगेगा, तो चुनाव आयोग धारा 151A के प्रावधानों के तहत थोड़ी मोहलत ले सकता है।
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ हो सकता है उपचुनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्वाचन आयोग प्रशासनिक खर्चों और सुरक्षा बलों की तैनाती को ध्यान में रखते हुए गिरिडीह उपचुनाव को आगामी 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल, असम आदि) के साथ क्लब कर सकता है।
अगर ऐसा होता है, तो आयोग एक साथ पूरे देश के कई राज्यों के उपचुनावों और विधानसभा चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान करेगा।
पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से खाली हुई सीट
गिरिडीह विधानसभा सीट से लगातार दो बार विधायक रहे सुदिव्य कुमार सोनू का पिछले दिनों अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने (कार्डियक अरेस्ट) से निधन हो गया था। वह हेमंत सोरेन सरकार में नगर विकास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन और खेलकूद जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार संभाल रहे थे।
उनके असामयिक निधन से न सिर्फ हेमंत सोरेन कैबिनेट में एक बड़ी जगह खाली हुई है, बल्कि गिरिडीह सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन (JMM-कांग्रेस-RJD) को अपनी साख बचाने के लिए एक नए मजबूत चेहरे की तलाश करनी होगी।
आगे क्या होगा?
राजपत्र (Gazette Notification): झारखंड विधानसभा सचिवालय द्वारा सीट रिक्त होने की अधिसूचना के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेजी जा चुकी है।
वोटर लिस्ट का प्रकाशन: गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में नए और छूटे हुए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
ईसीआई का फैसला: भारत निर्वाचन आयोग जल्द ही 5 राज्यों के चुनावों के साथ गिरिडीह उपचुनाव की तिथियों का शेड्यूल जारी कर सकता है।