Home » झारखंड में नशा तस्करों की सूचना देने पर मिलेगा इनाम, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का कड़ा रुख
झारखंड में नशे के खिलाफ आर-पार की लड़ाई: तस्करों की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम, स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में कड़े प्रतिबंध
रांची: झारखंड को पूरी तरह नशामुक्त बनाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा संकल्प लिया है। रांची के शौर्य भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध चल रहे राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का समापन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ड्रग माफिया और तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अब इसे एक ‘जनआंदोलन’ का रूप देने जा रही है।
तस्करों की खबर देने वाले को कम से कम ₹3,000 का पुरस्कार
इस अभियान के तहत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और नई नीति की जानकारी दी।
🚨 टोल फ्री नंबर 112 पर दें सूचना: यदि कोई भी नागरिक मादक पदार्थों (ड्रग्स, अफीम, कफ सिरप आदि) की तस्करी या अवैध बिक्री की सूचना सरकार को देता है, तो उसे न्यूनतम 3,000 रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा। गंभीर और बड़े मामलों में यह इनाम राशि और भी अधिक हो सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में पूरी तरह पाबंदी
युवाओं और स्कूली बच्चों को इस लत से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने बताया कि नए विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत अब सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, अब स्कूलों में ‘नशा विरोधी मॉड्यूल आधारित पाठ्यक्रम’ भी लागू किया जा रहा है।
रांची पुलिस को स्वास्थ्य मंत्री का सख्त निर्देश: फ्लाईओवरों के नीचे होगी कड़ी निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रांची में बढ़ती कुछ घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने रांची पुलिस प्रशासन को सीधे निर्देश देते हुए कहा:
“शहर के विभिन्न फ्लाईओवरों के नीचे बच्चों और युवाओं द्वारा कफ सिरप और अन्य घातक नशीले पदार्थों के सेवन की शिकायतें मिल रही हैं। पुलिस इन जगहों पर तत्काल और प्रभावी गश्त बढ़ाए और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, बच्चों के अभिभावकों (Parents) की काउंसलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।”
हर जिले में तैनात होंगे मनोचिकित्सक
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक सतत सामाजिक आंदोलन बनेगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (CIP) और रिनपास (RINPAS) में नशा मुक्ति के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, अब झारखंड के प्रत्येक जिले में मनोचिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है और जिला अस्पतालों में काउंसलिंग सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी और जिले हुए सम्मानित

समारोह के दौरान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान में शानदार भूमिका निभाने वाले स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी कर्मियों को सम्मानित किया गया। जन-जागरूकता गतिविधियों में सबसे बेहतरीन काम करने के लिए गिरिडीह, रांची और पलामू के जिला जनसंपर्क पदाधिकारियों (DPROs) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
वेबसाइट को आकर्षक और रीडर-फ्रेंडली बनाने के टिप्स:
इनाम और हेल्पलाइन को चमकाएं: टोल फ्री नंबर 112 और ₹3,000 का इनाम वाले हिस्से को अपनी वेबसाइट पर लाल या पीले रंग के बैकग्राउंड (Highlight Box) में डालें।
मुख्य वक्ताओं की तस्वीरें: आर्टिकल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की शौर्य भवन कार्यक्रम की

बुलेट पॉइंट्स का असर: स्कूल-कॉलेजों की 100 मीटर वाली गाइडलाइन को फॉन्ट साइज थोड़ा बड़ा करके बोल्ड में रखें ताकि पाठक इसे आसानी से समझ सकें।