Home » कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू, राहुल गांधी बोले- ‘रिजेक्शन सिस्टम’ बनी शिक्षा व्यवस्था
NEET UG 2026: पेपर लीक पर फूटा छात्रों का गुस्सा, कांग्रेस ने शुरू किया ‘छात्रों की गूंज’ अभियान; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नई दिल्ली: देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर अब सियासी पारा पूरी तरह गरमा चुका है। नीट (NEET UG 2026) परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। देश के लाखों युवाओं और छात्रों की आवाज को बुलंद करने के लिए कांग्रेस पार्टी ने “छात्रों की गूंज” (Chhatron Ki Goonj) नाम से एक बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है।
इस अभियान के जरिए कांग्रेस देश भर के कोचिंग हब, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर छात्रों से सीधे जुड़ेगी और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करेगी।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस
कांग्रेस ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को देश की शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता करार दिया है। पार्टी ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और सरकार देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला: “यह एजुकेशन नहीं, ‘रिजेक्शन सिस्टम’ है”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कोटा में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
“आज देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था छात्रों का भविष्य बनाने वाली नहीं, बल्कि एक ‘रिजेक्शन सिस्टम’ बन चुकी है। लाखों युवा सालों-साल दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके माता-पिता अपनी जिंदगी भर की कमाई उनकी पढ़ाई में लगा देते हैं, लेकिन अंत में पेपर लीक माफिया उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है। यह युवाओं के सपनों की हत्या है।”
पेपर लीक और परीक्षा सुधार को लेकर कांग्रेस की 3 बड़ी मांगें
कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत सरकार के सामने मुख्य रूप से तीन बड़ी शर्तें और मांगें रखी हैं:
1. पेपर लीक माफिया पर कड़ी कार्रवाई: नीट समेत देश की अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक करने वाले रैकेट और माफियाओं की तुरंत निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जेल भेजा जाए।
2. परीक्षा प्रणाली में बड़ा सुधार (Exam Reforms): नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जाए और परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
3. समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया (Time-bound Recruitment): सभी सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्तियां एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं ताकि युवाओं का कीमती समय बर्बाद न हो।
28 शहरों में गूंजेगी छात्रों की आवाज
कांग्रेस इस अभियान को देश के 28 बड़े शहरों (जैसे कोटा, दिल्ली, प्रयागराज, पटना, रांची और अहमदाबाद) में प्रेस कॉन्फ्रेंस, विरोध रैलियों और डिजिटल पिटीशन के जरिए चला रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक ऑनलाइन पिटीशन भी जारी की है, जहां पीड़ित छात्र और उनके परिवार अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, सड़क से लेकर संसद तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
आर्टिकल को वेबसाइट पर आकर्षक बनाने के लिए टिप्स:
हाईलाइट बॉक्स (Blockquote): राहुल गांधी के बयान वाले हिस्से को अपनी वेबसाइट के बैकएंड टूल से एक अलग रंग के बॉक्स में डालें ताकि वह सबसे पहले दिखे।
इमेज का इस्तेमाल: आर्टिकल के बीच में राहुल गांधी की कोटा रैली या नीट छात्रों के विरोध प्रदर्शन की एक दमदार फोटो जरूर लगाएं।
बोल्ड टेक्स्ट: जो शब्द ऊपर बोल्ड किए गए हैं, उन्हें अपनी वेबसाइट पर भी बोल्ड रखें ताकि ‘स्कैन’ करके पढ़ने वाले यूजर्स को मुख्य बातें तुरंत समझ आ जाएं।
आप इस मुद्दे पर विपक्ष के तीखे तेवर और कोटा में हुई इस अभियान की शुरुआत की जमीनी झलक इस देख सकते हैं, जो इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और छात्रों के विरोध को विस्तार से दिखाती है।