Home » NCERT पाठ्यक्रम में ‘आपातकाल’ शामिल करने पर कांग्रेस हमलावर; लाल किशोर नाथ शाहदेव बोले—”यह शिक्षा का राजनीतिकरण और इतिहास तोड़ने की कोशिश
रांची: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा कक्षा नौवीं के सोशल साइंस पाठ्यक्रम में वर्ष 1975-77 के ‘आपातकाल’ (Emergency) के विषय को शामिल किए जाने के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने इस कदम पर केंद्र सरकार और NCERT को कड़े शब्दों में घेरा है।
शाहदेव ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि इस बदलाव के पीछे का मकसद शिक्षा का स्तर सुधारना नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से राजनीतिकरण करना और इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना है।
“संवैधानिक मूल्यों पर हमला और विभाजनकारी राजनीति”
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पाठ्यक्रम में इस तरह के बदलाव हमारे संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NCERT का यह कदम देश में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। अपनी राजनीतिक विचारधारा और तात्कालिक फैसलों के आधार पर स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम को बदलने की नीति का कांग्रेस कड़ा विरोध करती है।
“50 साल पुरानी बात को कुरेदने से पहले वर्तमान सरकार को अपने शासनकाल के पन्ने देखने चाहिए। सच्चाई यह है कि देश पिछले एक दशक से अधिक समय से ‘अघोषित आपातकाल’ के काले दौर से गुजर रहा है।”
— लाल किशोर नाथ शाहदेव, महासचिव, झारखंड कांग्रेस
“अगर आपातकाल पढ़ाना ही है, तो छात्रों को पूरी सच्चाई बताएं”
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने मांग की कि यदि नई पीढ़ी को आपातकाल के बारे में पढ़ाया ही जाना है, तो छात्रों को उस समय की तात्कालिक परिस्थितियों, पूरे संदर्भ और पूरी सच्चाई से अवगत कराया जाना चाहिए, न कि केवल एकतरफा राजनीतिक एजेंडा परोसा जाए।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर सीधा निशाना साधते हुए कहा:
धर्मेंद्र प्रधान जैसा शिक्षा मंत्री जो देश में नीट (NEET) और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के पेपर लीक जैसी गंभीर समस्याओं को नहीं रोक पा रहा, उनसे बेहतर और निष्पक्ष पाठ्यक्रम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?
जब बुनियादी परीक्षा व्यवस्था ही चरमरा गई है, तब सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ इतिहास की किताबों को बदलने में लगा हुआ है।
क्या आजादी के महानायकों के इतिहास पर भी होगा विवाद?
कांग्रेस महासचिव ने तीखा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या NCERT अब देश की आजादी की लड़ाई में सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायकों के योगदान को भी भुलाना चाहती है?
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं ने देश को गढ़ा है। शाहदेव ने आशंका जताई कि जिस तरह से इतिहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, क्या आने वाले दिनों में इन सभी महान नामों पर भी बहस खड़ी की जाएगी और बच्चों को बचपन से पढ़ाया जा रहा गौरवशाली भारतीय इतिहास बदल दिया जाएगा?इस खबर से जुड़ा वीडियो देखेंNCERT Class 9 Textbook Emergency Controversy Explainedइस वीडियो में एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 9वीं की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल का अध्याय जोड़ने और उस पर हो रहे देशव्यापी राजनीतिक विवाद व बयानों का पूरा विश्लेषण दिखाया गया है।