Home » कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, 5 की मौत; 55 लोगों के दबे होने की आशंका, सेना तैनात
कोलकाता में भीषण हादसा: निर्माणाधीन गोदाम ढहने से 5 की मौत, 50-55 लोगों के दबे होने की आशंका; रेस्क्यू में जुटी सेना
मलबे से अब तक 14 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ भारतीय सेना ने संभाला मोर्चा .
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से इस वक्त एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर आ रही है। यहाँ एक भारी-भरकम निर्माणाधीन गोदाम अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे के विशाल ढेर में अभी भी 50 से 55 लोगों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। हादसे की भयावहता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना (Indian Army) को मैदान में उतार दिया गया है।
🚨 हादसे की बड़ी बातें (Quick Updates)
“मलबे के नीचे फंसे लोगों की जान बचाना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।”
— राहत कार्य में जुटे प्रशासनिक अधिकारी
अब तक 14 का रेस्क्यू: राहतकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से अब तक 14 घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सेना ने संभाला मोर्चा: स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन (NDRF/SDRF) की टीमों के साथ-साथ भारतीय सेना के जवान अत्याधुनिक उपकरणों के साथ मलबे को हटाने और जिंदगी बचाने में जुटे हैं।
मलबे में फंसी जिंदगियां: कंक्रीट और लोहे के भारी गार्डरों के नीचे दबे लोगों के कारण मलबे को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को और नुकसान न पहुंचे।
📈 मौजूदा स्थिति: रेस्क्यू ऑपरेशन का ब्यौरा
हादसे वाली जगह पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण और संवेदनशील बनी हुई है:
घटना का विवरणवर्तमान स्थिति और आंकड़े
कुल हताहत (मृत्यु)05 लोग (संख्या बढ़ने की आशंका)
सुरक्षित निकाले गए (Rescued)14 लोग (गंभीर रूप से घायल)
मलबे में दबे होने की आशंका50 से 55 मजदूर और अन्य लोग
राहत दल (Rescue Teams)भारतीय सेना, NDRF, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड

🔍 कैसे हुआ हादसा?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम के निर्माण कार्य के दौरान अचानक पूरी संरचना भरभराकर गिर गई। कंक्रीट की छत ढहने से वहां काम कर रहे दर्जनों मजदूर उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है कि क्या निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।